महिला आरक्षण संशोधन विधेयक विपक्ष द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में आज मंगलवार को भाजपा की ओर से लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ता और सीएम योगी आदित्यनाथ अपने आवास से निकलकर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ विधानसभा तक पैदल पहुंचे। करीब 1.75 किलोमीटर की इस पदयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। विधानसभा के बाहर सड़क पर बने मंच से पदयात्रा में शामिल हुए लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “आज बहनों के नेतृत्व में यह आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के जन-विरोधी आचरण के कारण आज देश और प्रदेश की महिलाओं में भारी गुस्सा है। मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है लेकिन ये दल अपनी संकुचित मानसिकता के कारण रोड़े अटका रहे हैं।”
विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया
सीएम योगी ने कहा, “सपा-कांग्रेस और टीएमसी से महिलाएं नाराज हैं। देशभर में आक्रोश रैली निकल रही है। विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में केवल चार जाति महिलाएं, गरीब, युवा और किसान हैं। इसमें सबसे पहली जाति महिला है। प्रधानमंत्री चाहते थे कि 2029 में ही महिला आरक्षण लागू हो जाए। इसके बाद भी विपक्ष ने महिला विरोधी काम किया है। आज की इस आक्रोश रैली में बहनें शामिल हुई हैं। जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चला रही है। उसी तरह डबल इंजन की सरकार में भी चलाया जा रहा है।”
राज्य का हर व्यक्ति आधी आबादी के साथ
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उन सभी बहनों को तहे दिल से बधाई देता हूं, जिन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और आपको भरोसा दिलाता हूं कि राज्य का हर व्यक्ति आधी आबादी की उनके जायज़ मांग के समर्थन में उनके साथ खड़ा है।”
जब तक आरक्षण लागू नहीं हो जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा
‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ में शामिल उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “जिन पार्टियों को महिलाओं के वोट नहीं मिलेंगे, वे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अपना खाता भी नहीं खोल पाएंगे। जब तक आरक्षण लागू नहीं हो जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा।”