नई दिल्ली - महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। जहां सत्तापक्ष विपक्ष पर महिला विरोधी बता रही है तो दूसरी ओर विपक्ष सत्तापक्ष पर महिलाओं को गुमराह करने के आरोप लगा रहा है। इसी बीच कांग्रेस से अलग हो चुके वरिष्ठ नेता और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विभिन्न मुद्दों—महिला आरक्षण, अनुच्छेद 370, तीन तलाक, चुनाव आयोग, सेना और संवैधानिक संस्थाओं—पर लगातार विवादित बयान देकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या अब राहुल गांधी का राजनीतिक रवैया बन चुका है।
जो नारी को सममान नहीं करेगा उसका...
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति नारी शक्ति का सम्मान नहीं करेगा, उसका राजनीतिक पतन निश्चित है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में महिलाओं के बीच यह संदेश जा रहा है कि विपक्ष ने महिला सशक्तिकरण का विरोध किया है। उन्होंने आगे कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और अब नेता अपने बयानों को लेकर सफाई देते घूम रहे हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
पास नहीं हुआ नारी शक्ति वंधन
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन, 2023) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करने का ऐतिहासिक कानून है। यह कानून 15 वर्षों के लिए प्रभावी होगा और इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। यह आरक्षण परिसीमन और जनगणना के बाद लागू होना है। अप्रैल 2026 में, इस अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए परिसीमन संबंधी संशोधन (131वां संविधान संशोधन बिल) लोकसभा में विशेष बहुमत न मिलने के कारण पास नहीं हो सका।