नैनीताल में गर्मी की तेवर इस बार कुछ अलग ही हैं और इन्हीं के बीच जंगलों में लगी आग ने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। यह सिर्फ प्रकृति का नुकसान नहीं बल्कि हमारे लिए एक चेतावनी भी है। गेठिया-अलूखेत इलाके के जंगलों में लगी आग अब विकराल रूप ले चुकी है। करीब 30 घंटे से ये आग लगातार धधक रही है और दो अलग-अलग जगह से शुरू होकर लाखों की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाने का खतरा मंडरा रहा है।
पायलेट बाबा आश्रम के आस पास लगी आग
यह आग सिर्फ पेड़ों को नहीं बल्कि क्षेत्रवासियों की ज़िंदगी पर भी गहरा असर डाल रही है। पायलेट बाबा आश्रम के आस-पास आग लगी थी जिसे शुरू में स्थानीय लोगों और वन विभाग ने मिलकर काबू में कर लिया था। मगर दुर्गम पहाड़ियों में सूखी घास और वनस्पति के कारण आग ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया। और तो और इस बार की भीषण गर्मी और हीट वेव ने आग को और भड़काने का काम किया है। तेज धूप और सूखी हवाओं के बीच आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। घना धुआं आसपास के गाँवों को घेरे हुए है
आबादी वाले इलाके सुरक्षित
वही वन विभाग की टीमों के साथ एसडीआरएफ और दमकल विभाग भी पूरी ताकत से जुटे हैं। 30 से ज्यादा फायर वाचर और स्थानीय ग्रामीण लगातार फायर लाइन बनाकर आग को आगे फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। एसडीओ ममता चंद ने बताया कि आबादी वाले इलाके को फिलहाल सुरक्षित किया जा चुका है लेकिन जंगलों में लगी आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी वक्त लगेगा। उन्होंने गंभीर गर्मी और नमी की कमी को इस आग बढ़ने के पीछे मुख्य कारण बताया और आश्वासन दिया कि टीम लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और हर संभव प्रयास जारी है।