शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को धमकाने के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में IPS एसोसिएशन ने विधायक की भाषा को अशोभनीय और अमर्यादित करार देते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो और अभद्र भाषा
IPS एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा कि मीडिया में वायरल वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी द्वारा डॉ. आयुष जाखड़ के प्रति अभद्र और धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है। यह भाषा जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है और इससे *प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
IPS एसोसिएशन का पत्र
ADG स्तर के अधिकारी चंचल शेखर ने पत्र में लिखा कि “पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ (भापुसे) के संबंध में मीडिया में वायरल वीडियो में जिस प्रकार की अभद्र, अमर्यादित एवं धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय एवं सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है। उक्त वीडियो में डॉ. आयुष जाखड़ नव नियुक्त पुलिस अधिकारी एवं उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियां तथा दी गई धमकियां पूर्णतः अमर्यादित एवं अशोभनीय हैं। यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है तथा इससे प्रशासनिक तंत्र एवं समस्त अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।” एसोसिएशन ने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि विधायक द्वारा डॉ. आयुष जाखड़ और उनके परिवार के प्रति की गई टिप्पणियां पूर्णतः अमर्यादित और निंदनीय हैं। इस तरह का आचरण सार्वजनिक जीवन की गरिमा के लिए खतरनाक माना गया है।
IPS एसोसिएशन की मांग
IPS एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों से विधायक प्रीतम लोधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है और साफ किया है कि पुलिस अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार के अपमान या धमकी को गंभीरता से लिया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे बयानों से पुलिस अधिकारियों की निष्पक्षता और मनोबल पर असर पड़ता है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सार्वजनिक जीवन में संयमित और जिम्मेदार भाषा का उपयोग करें।
सिविल सर्विस डे पर बयान से बढ़ी संवेदनशीलता
IPS एसोसिएशन ने इस बात पर भी गहरा खेद जताया कि यह प्रेस नोट 21 अप्रैल यानी सिविल सर्विस डे के दिन जारी करना पड़ा। एसोसिएशन के अनुसार यह दिन लोक सेवकों के योगदान को सम्मान देने का होता है, लेकिन उसी दिन एक अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
धमकी का विवादित वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विधायक कहते हैं कि करैरा के एसडीओपी के बंगले को 10 हजार लोगों को ले जाकर गोबर से भरवा देंगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका मुक्का पहले ढाई किलो का था, अब ढाई सौ किलो का हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि वे अधिकारी को बेचैन कर देंगे।
दिल्ली से निर्देश का सवाल
वीडियो में विधायक ने यह भी कहा कि वे एसपी से पूछना चाहते हैं कि उन्हें दिल्ली से निर्देश कौन भेज रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह निर्देश पीएम मोदी, अमित शाह या महाराज सिंधिया भेज रहे हैं और यह केवल उन्हें ही क्यों दिए जा रहे हैं, जबकि पार्टी का नेतृत्व भोपाल में मौजूद है।
विवादित टिप्पणी: ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी’
इसके अलावा विधायक ने कहा था: “करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी। मेरा बेटा करैरा आएगा और चुनाव भी लड़ेगा। अगर तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। अधिकारी अपनी औकात में रहें और कानून के दायरे में काम करें। कानून हमें भी आता है।”
विधायक का अपना तर्क
विधायक प्रीतम लोधी ने कहना है कि एसपी साहब से कहा था कि इसमें कायमी कराइए, हमने कायमी कराई। उन्होंने कहा गाड़ी भिजवाओ, हमने गाड़ी भिजवाई, गाड़ी की जमानत कराई। फिर उन्होंने कहा,लड़के दिनेश को भिजवाओ, तो हमने दिनेश को भिजवाया, लेकिन एसडीओपी करैरा ने मेरे लड़के से कहा कि दोबारा करैरा में दिख मत जाना,ये बात मेरे गले से नहीं उतरी।