कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता की शुरुआत भाजपा के राज्य मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने की। उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में जनता की नहीं, बल्कि केवल तृणमूल कांग्रेस की सरकार चली है। उनके अनुसार प्रशासनिक फैसलों में जनता के हितों की बजाय पार्टी हितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने दावा किया कि “यह सरकार अब 4 तारीख को जाने वाली है।”
अनुराग ठाकुर का बड़ा राजनीतिक हमला
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल की राजनीति को “ममता बनाम जनता” का मुकाबला बताया। उन्होंने कहा कि जब जनता अपने फैसले खुद लेने लगती है तो परिणाम एकतरफा होता है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की राजनीति हावी रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 4 मई को न केवल तृणमूल कांग्रेस बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सत्ता से बाहर हो जाएंगी, क्योंकि अब राज्य का युवा बदलाव चाहता है और इस बार जनता जवाब देने के मूड में है।
TMC पर गंभीर आरोप और नए नामकरण
अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य में TMC का मतलब अब “Terror, Money Laundering और Cut Money” बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी जनता के भरोसे पर खरी नहीं उतरी है और भ्रष्टाचार के कई आरोपों से घिरी रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और तृणमूल सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है।
युवाओं और महिलाओं के लिए भाजपा के बड़े वादे
ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का हवाला देते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो युवाओं और महिलाओं के लिए कई बड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने घोषणा की कि बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को हर महीने ₹3000 की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा राज्य में 1 करोड़ रोजगार अवसर पैदा करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ₹15,000 की आर्थिक सहायता देने और सभी खाली सरकारी पदों को पारदर्शिता के साथ भरने का वादा किया गया है।
ठाकुर ने कहा कि बंगाल के युवा सिर्फ नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल प्रशिक्षण ढांचा विकसित करने की भी योजना है।
बेरोजगारी और पलायन पर हमला
अनुराग ठाकुर ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर लगभग 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में लाखों नौकरियां खत्म हो चुकी हैं और युवा मजबूरी में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2015-16 के बाद से लगभग 30 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ है। वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं।
हर्षवर्धन श्रिंगला का बयान और उत्तर बंगाल का मुद्दा
राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रिंगला ने कहा कि उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में जनता का उत्साह साफ देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने जोरदार समर्थन दिया।
श्रिंगला ने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की हवा चल रही है और जनता बदलाव के लिए तैयार है।