राष्ट्रपति ने गुरुवार को देश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 7 राज्यों के राज्यपाल और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों में बदलाव किया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी पद छोड़ दिया है। उन्हें अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। उनकी जगह विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
ममता बनर्जी बोलीं – यह केंद्र का एकतरफा फैसला
राज्यपाल की नियुक्ति से पहले राज्य सरकार से राय नहीं लेने पर नाराजगी जताई। कहा – केंद्रीय गृहमंत्री ने फोन कर दी जानकारी, लेकिन सलाह नहीं ली गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राज्यपाल बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने उन्हें फोन कर बताया कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया जा रहा है, लेकिन इस फैसले से पहले उनकी राय नहीं ली गई। ममता बनर्जी ने इसे केंद्र सरकार का एकतरफा निर्णय बताया।
2022 में बने थे बंगाल के राज्यपाल
सीवी आनंद बोस को 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वहीं कवींद्र गुप्ता ने 18 जुलाई 2025 को लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था।
ममता सरकार और राज्यपाल के बीच कई बार हुआ टकराव
विश्वविद्यालय नियुक्तियों, विधेयकों और प्रशासनिक मामलों को लेकर बढ़ा विवाद।
राज्य सरकार और राजभवन के बीच संबंध कई बार तनावपूर्ण रहे।
सीवी आनंद बोस के कार्यकाल में कई बार पश्चिम बंगाल सरकार और राजभवन के बीच मतभेद सामने आए। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों, प्रशासनिक हस्तक्षेप और संवैधानिक अधिकारों को लेकर विवाद लगातार चर्चा में रहा।
विश्वविद्यालयों में VC नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद
राज्यपाल ने कई विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर नियुक्त किए।
राज्य सरकार ने कहा – नियुक्तियां सरकार की सलाह के बिना हुईं।
साल 2023 में राज्य के कई विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर (वीसी) की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। राज्य सरकार का आरोप था कि नियुक्तियां उसकी सलाह के बिना की गई हैं।
राज्यपाल का कहना था कि कानून के तहत यह उनका अधिकार है। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया था।
विधेयकों की मंजूरी में देरी को लेकर भी आरोप
राज्य सरकार ने कहा – कई बिलों को मंजूरी देने में हो रही देरी।
राज्यपाल बोले – संवैधानिक जांच के बाद ही दी जा सकती है अनुमति।
2023-24 के दौरान राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि राज्यपाल कई विधेयकों को मंजूरी देने में देरी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा बताया।
वहीं राज्यपाल का कहना था कि विधेयकों की संवैधानिक समीक्षा जरूरी होती है, इसलिए समय लगता है।
केंद्रीय योजनाओं और जिलों के दौरों पर भी टकराव
राज्यपाल के जिलों के दौरे को सरकार ने बताया समानांतर प्रशासन।
राज्यपाल ने मनरेगा सहित कुछ केंद्रीय योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए थे। राज्य सरकार ने इसे राजनीतिक बयान बताया।
इसके अलावा राज्यपाल के जिलों के दौरे और लोगों से सीधे संवाद को लेकर भी सरकार ने आपत्ति जताई थी।
राज्यपाल को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी
ई-मेल के जरिए जान से मारने की धमकी भेजी गई थी।
पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को सॉल्ट लेक से गिरफ्तार किया।
इससे पहले सीवी आनंद बोस को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरे ई-मेल में आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी लिखा था।
पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उससे पूछताछ शुरू की थी।
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