भोपाल के रवीन्द्र भवन में आज भाजपा के दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान के तहत कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में मध्य भारत प्रांत के करीब 600 वक्ता शामिल होंगे, जो आगे मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे।
संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों में प्रशिक्षण
भाजपा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों—मध्यभारत, महाकौशल और मालवा में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
मध्यभारत प्रांत का प्रशिक्षण 6 मार्च को भोपाल में होगा, जिसमें भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
महाकौशल प्रांत का प्रशिक्षण 7 मार्च को जबलपुर में और मालवा प्रांत का प्रशिक्षण 10 मार्च को इंदौर में आयोजित किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को बनाया जाएगा हाईटेक
प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग में दक्ष बनाना है। पार्टी का मानना है कि व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य तभी संभव है, जब कार्यकर्ता तकनीकी रूप से सक्षम हों।
AI और सोशल मीडिया पर रहेगा खास फोकस
मंडल स्तर पर होने वाले 24 घंटे के प्रशिक्षण सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोशल मीडिया मैनेजमेंट, नमो ऐप और संगठन ऐप पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा कि तकनीक के जरिए पार्टी की विचारधारा और सरकार की योजनाओं को जनता तक प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए।
राष्ट्रीय टोली में एमपी का प्रतिनिधित्व
इस महाअभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक टीम बनाई गई है, जिसमें मध्य प्रदेश से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय टोली में कविता पाटीदार को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए के.सी. पटेल को प्रभारी नियुक्त किया गया है।
बूथ से मंडल स्तर तक डिजिटल कनेक्टिविटी
प्रशिक्षण में बूथ स्तर तक डिजिटल संवाद मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यशालाओं में व्हाट्सऐप ग्रुप, डिजिटल संवाद और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित करने की रणनीति भी सिखाई जाएगी।
7 सत्रों में होगा 24 घंटे का प्रशिक्षण
मंडल स्तर पर कुल 7 सत्रों में 24 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में बूथ स्तर पर 4 घंटे के दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण में वैचारिक अधिष्ठान, संगठन का इतिहास और तकनीकी कौशल जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
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