गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर गीतों के संगम में भी डुबकी लगाई। कई भाषाओं ने मिलकर उनके संगीत को गढ़ा है। विदेशों में भारत की समेकित संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। कहती हैं कि महाकुंभ में आना, भगवान शंकर की कृपा है। संगम में डुबकी लगाकर धन्य हो गई।
ऐसा गीत, जो समाज को व्यापक संदेश देता हो?
सभी गीत एक संदेश ही देते हैं। हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए...। फिल्म कर्मा का यह गीत सिर्फ देशभक्ति पर आधारित नहीं है। इसमें ईमानदारी से अपना काम करने का स्ट्रॉन्ग मेसेज है। मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू...। पंक्ति प्रेरणादायक है। किसी और के लिए नहीं, हमें अपने प्रति ईमानदार होना चाहिए।
संगीत और राजनीति को कैसे परिभाषित करेंगी?
मैं कभी राजनीत की ओर नहीं झुकी फिर मुझे लगता है। संगीत राजनीत से अलग है।भारतीय संगीत अध्यात्म है। मंदिरों की पूजा से संगीत शुरू हुआ। यह बंधनोंसे मुक्त है, किसी तरह का भेदभाव नहीं करता। साथी हाथ बढ़ाना... गीत समाजकी एकता का संदेश देता। पहले की फिल्मों में तमाम ऐसे गीत मिल जाएंगे, जो समाज और राजनीत को दिशा देने वाले हैं।
गायिकी के अलावा कोई शौक?
संगीत में ही दिन-रात गुजरता है। समय नहीं मिलता। मेरे तीन ग्रैंडसन हैं।कभी मौका लगता है तो उनके लिए कपड़े सिल देती हूं। हालांकि, बहुत अच्छानहीं सिल पाती हूं। लेकिन अच्छा लगता है।
महाकुंभ का अनुभव ?
मैं महाकुंभ में पहले से ही आने के लिए सोच रही थी। लेकिन यहां किसी कोबहुत जानती नहीं थी। पति से प्लान बनाती तो सोचती थी कि वहां कैसे होगा।फिर कार्यक्रम का न्योता आ गया तो लगा कि शिव जी ने मेरी सुन ली। संगनस्नान के बाद बहुत सुकून मिला।
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