नई दिल्ली - राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी का गठन कराया और उसे आर्थिक समर्थन दिया। मालीवाल ने कहा कि इस पार्टी ने सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर पेड कैंपेन चलाए और देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही की मांग का माहौल बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशभर में आवाज उठाई जा रही थी, तब सीजेपी ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए, लेकिन अपने ही राज्य पंजाब में सामने आए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साध ली।
पंजाब में पेपर लीक को लेकर उठाए सवाल
स्वाति मालीवाल ने दावा किया कि पंजाब में पिछले पांच सालों के दौरान छह पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल हुई और इसके बावजूद अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की बात करने वालों को अपने राज्यों में भी समान मापदंड अपनाने चाहिए।
केजरीवाल को बताया 'सुपर सीएम'
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में वह "सुपर सीएम" की भूमिका में हैं, लेकिन पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन पंजाब से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया देने से बचते हैं।
भगवंत मान के बयान पर भी पलटवार
मालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के आरोपों को गलत बताया था। स्वाति मालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का दावा सही नहीं है और वह जनता के सामने गलत जानकारी रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
राज्यसभा सांसद ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि चाहे मामला किसी भी राज्यका हो, पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए सरकारों को जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।