तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा और ऐसी स्थिति में संबंधित बूथ पर पुनर्मतदान कराया जा सकता है।
EVM सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान के दौरान EVM की सुरक्षा में कोई ढिलाई न बरती जाए। आयोग के मुताबिक, सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए और किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से ढका नहीं जा सकता। इसके अलावा, किसी भी उम्मीदवार के बटन पर रंग, स्याही या इत्र जैसे पदार्थ लगाने पर भी सख्त रोक लगाई गई है, ताकि वोट की गोपनीयता बनी रहे।
गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई, दोबारा मतदान संभव
आयोग ने निर्देश दिया है कि अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दें। ऐसी घटनाओं को EVM से छेड़छाड़ माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पूरे मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान का आदेश भी दिया जा सकता है।
75 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र तैयार
तमिलनाडु में इस बार 75,064 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। हर बूथ पर माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे, जो पूरी मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्ट करेंगे।
मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर पीने का पानी, छायादार इंतजार क्षेत्र, शौचालय, रैंप और स्पष्ट संकेतक उपलब्ध रहेंगे। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग से बैठने और सहायता की व्यवस्था की गई है। साथ ही वोटर असिस्टेंस बूथ बनाए गए हैं, जहां मतदाता अपनी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
मोबाइल पर भी नियंत्रण
मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा कराने की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं को वोट डालने से पहले फोन बंद कर जमा करना होगा और मतदान के बाद ही वापस मिलेगा।
प्रचार थमा, अब ‘मौन अवधि’ लागू
राज्य में चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है और अब मतदान से पहले ‘मौन अवधि’ लागू है। आयोग ने कहा है कि सभी तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।