कोलकाताः अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की हालिया चेतावनी के बाद एक बार फिर Strait of Hormuz वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों और भू-राजनीतिक समीकरणों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या है पूरा मामला
ट्रंप ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर पड़ सकता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। किसी भी तरह की रुकावट या तनाव से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
तेल बाजार पर संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और महंगाई में भी इजाफा हो सकता है।
वैश्विक राजनीति में हलचल
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की अस्थिरता से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है और आम जनता पर बोझ बढ़ सकता है।
आगे क्या
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों और वैश्विक प्रतिक्रियाओं से तय होगा कि यह तनाव कितना आगे बढ़ता है और इसका असर कितना गहरा होता है।