Dewas News / Jaish-e-Mohammed Module Busted: गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। ATS ने मध्य प्रदेश के देवास और गुजरात में एक साथ छापेमारी कर 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और गुजरात में जैश का नेटवर्क खड़ा करने, युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने तथा देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से जैश-ए-मोहम्मद का साहित्य, झंडे, मसूद अजहर से जुड़ी किताबें, मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज और उर्दू में लिखे कई पत्र बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में पाकिस्तान से फंडिंग मिलने और उसी पैसे से गतिविधियां संचालित किए जाने की बात भी सामने आई है।
देवास से 18 वर्षीय बिलाल दुरानी गिरफ्तार, गुजरात से 7 अन्य संदिग्ध दबोचे
गुजरात ATS के अनुसार मध्य प्रदेश के देवास जिले के वारसी नगर से 18 वर्षीय बिलाल दुरानी को गिरफ्तार किया गया है। उसके अलावा गुजरात से सात अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं-
अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला उर्फ अबू उबेदा (19)
इब्राहिम घघा (30)
मुदस्सिर (22)
जकरिया दुरानी
मोहम्मद अम्मार घघा (21)
मौलवी फौजान इस्माइल (40)
मोहम्मद अमीन शेरा (21)
मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी (22)
ATS अधिकारियों के मुताबिक सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की अन्य कड़ियों की भी तलाश की जा रही है।
कई फर्जी नामों से पहचान छिपाता था बिलाल
जांच में सामने आया है कि देवास से गिरफ्तार बिलाल दुरानी कई अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। उसके अबू दुजाना, अबू सुफियान, अबू जुंदाल और उमर बिन खत्ताब जैसे उपनाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि बिलाल मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है, लेकिन उसका परिवार लंबे समय से देवास के वारसी नगर इलाके में रह रहा था। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि वह कब और कैसे जैश के संपर्क में आया।
पाकिस्तान से मिल रही थी फंडिंग, हैंडलर्स से सीधे संपर्क में थे आरोपी
ATS जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित दो कथित हैंडलर्स 'अब्दुल्ला' और 'मोहम्मद उमर' के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने 'दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद' नाम से एक मॉड्यूल तैयार किया था। इसका उद्देश्य गुजरात में संगठन का नेटवर्क खड़ा करना और नए लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ना था।
3 लाख रुपये की फंडिंग से खरीदी कार, डिजिटल सबूत भी मिले
ATS के अनुसार इस मॉड्यूल को करीब 3 लाख रुपये की विदेशी फंडिंग मिली थी। इसी रकम से आरोपियों ने एक पुरानी कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल कथित गतिविधियों में किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान एक आरोपी के मोबाइल फोन से-
254 जिहादी दस्तावेज
ऑडियो और वीडियो फाइलें
फोटो
जैश-ए-मोहम्मद का झंडा
मसूद अजहर से जुड़ी किताबें
उर्दू में लिखे पत्र बरामद किए गए हैं।
गुजराती भाषा में तैयार किया जा रहा था जैश का प्रचार साहित्य
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी जैश-ए-मोहम्मद के साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर रहे थे, ताकि स्थानीय युवाओं तक संगठन की विचारधारा पहुंचाई जा सके। ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों से संपर्क किया गया और क्या अन्य राज्यों में भी इसके सदस्य सक्रिय हैं।
जांच जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
गुजरात ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल, बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस और विदेशी संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस मॉड्यूल से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।