लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली केवल ₹3 प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ₹3.75 प्रति यूनिट की सब्सिडी स्वयं वहन करेगी, जिससे गरीब परिवारों के मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी। सरकार का मानना है कि इससे महंगाई के दौर में कमजोर आय वर्ग के लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और घरेलू खर्च का बोझ भी कम होगा।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने इस योजना का लाभ केवल पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित रखा है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। लाभ वही उपभोक्ता उठा सकेंगे जो बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी में आते हों, जिनके बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड 1 किलोवाट तक हो और जिनकी मासिक बिजली खपत 100 यूनिट या उससे कम हो। पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ सीधे उनके बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा, जिससे उन्हें कम राशि का भुगतान करना पड़ेगा।
सरकार क्यों दे रही है यह सब्सिडी?
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उनके घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। सरकार का मानना है कि जब बिजली सस्ती होगी तो उपभोक्ता समय पर बिल जमा कर सकेंगे, जिससे बकाया राशि और बिजली चोरी जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। इसके साथ ही अधिक लोग वैध बिजली कनेक्शन लेने के लिए भी प्रेरित होंगे।
जुलाई में सभी बिजली उपभोक्ताओं को भी मिलेगी राहत
बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए विशेष सब्सिडी योजना के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को भी राहत देने का फैसला किया है। जुलाई 2026 के बिजली बिलों में 4.43 प्रतिशत की नेगेटिव एडजस्टमेंट लागू की जाएगी। इसका लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा। बिजली खरीद लागत में कमी आने के कारण यह राहत दी जा रही है, जिससे करोड़ों रुपये का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
गरीब परिवारों के लिए राहत, बिजली व्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बिजली वितरण व्यवस्था भी मजबूत होगी। नियमित बिल भुगतान बढ़ने से बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, वहीं उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी उपभोक्ताओं के हित में इसी तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं जारी रखी जाएंगी।