Jodhpur Airport New Terminal: राजस्थान के जोधपुर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक विमानन सुविधाओं से लैस एक नए विश्वस्तरीय एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात दी है। करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह नया टर्मिनल सिर्फ एक एयरपोर्ट भवन नहीं, बल्कि राजस्थान की शाही विरासत, आधुनिक तकनीक और भविष्य की हवाई जरूरतों का बेहतरीन संगम है। राजपूताना स्थापत्य शैली, अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और बढ़ती एयर ट्रैफिक क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह टर्मिनल पश्चिमी राजस्थान के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। नए टर्मिनल के शुरू होने से जोधपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, निवेश और हवाई कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं इस शानदार एयरपोर्ट टर्मिनल की 10 सबसे बड़ी खास बातें।
1. 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ आधुनिक टर्मिनल
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने इस अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से कराया है। यह परियोजना देश के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य जोधपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की विमानन सुविधाओं से जोड़ना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
2. 23 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला विशाल भवन
नया टर्मिनल करीब 23,000 वर्गमीटर (2.52 लाख वर्ग फुट) क्षेत्र में फैला हुआ है। विशाल वेटिंग एरिया, चौड़े कॉरिडोर, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर यात्री सुविधाओं के कारण अब यात्रियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
3. हर साल 20 से 25 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता
जोधपुर एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ रहे यात्री दबाव को देखते हुए इस टर्मिनल को भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। यह भवन सालाना 20 से 25 लाख यात्रियों की आवाजाही को आसानी से संभाल सकेगा।
4. पीक ऑवर में एक साथ 1,000 यात्रियों की सुविधा
व्यस्त समय के दौरान भी यात्रियों को लंबी कतारों और भीड़ का सामना न करना पड़े, इसके लिए टर्मिनल को इस तरह विकसित किया गया है कि यह एक समय में लगभग 1,000 यात्रियों को सुचारु रूप से हैंडल कर सकता है। इससे चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज होगी।
5. राजपूताना विरासत और आधुनिक वास्तुकला का शानदार मेल
इस टर्मिनल की सबसे बड़ी पहचान इसका शाही डिजाइन है। भवन के प्रवेश द्वार पर खूबसूरत मेहराब, नक्काशीदार स्तंभ, विशाल गुंबद और पारंपरिक राजस्थानी वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। इसके निर्माण में ग्लास फाइबर रिइनफोर्स्ड कंक्रीट (GFRC) का उपयोग किया गया है, जिससे इसे मजबूती और आकर्षक स्वरूप मिला है।
6. जोधपुर फ्लाइंग क्लब और सांस्कृतिक विरासत की झलक
टर्मिनल की वास्तुकला में वर्ष 1931 में स्थापित ऐतिहासिक जोधपुर फ्लाइंग क्लब से प्रेरणा ली गई है। प्रवेश द्वार पर कमल के आधार पर स्थापित भव्य कलश भारतीय संस्कृति और राजस्थान की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।
7. 20 कलाकारों ने तैयार कीं 5 भव्य कलाकृतियां
इस टर्मिनल की सबसे खास बात इसकी 5 विशाल कलाकृतियां हैं, जिन्हें इंदौर के कलाकार महेन्द्र कोडवानी के नेतृत्व में 20 कलाकारों ने लगभग 3 महीने में तैयार किया। ये कलाकृतियां मारवाड़ की संस्कृति, लोकजीवन, वीरता, प्रकृति संरक्षण और भगवान शिव की दिव्यता को दर्शाती हैं। इनमें प्रमुख विषय शामिल हैं-
पीकॉक टेल्स (मोर और लोकसंस्कृति)
मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत
भगवान शिव की दिव्य यात्रा
खेजड़ली बलिदान
वीर दुर्गादास राठौड़ का शौर्य
8. 40 चेक-इन काउंटर, 6 एयरोब्रिज और आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा के लिए नए टर्मिनल में-
40 आधुनिक चेक-इन काउंटर
6 एयरोब्रिज
12 एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड
अत्याधुनिक बैगेज सिस्टम
बेहतर सुरक्षा जांच व्यवस्था
विशाल वेटिंग लाउंज
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे यात्रियों का सफर अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगा।
9. GRIHA 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग
यह टर्मिनल पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाया गया है। इसमें—
डबल ग्लेज्ड ग्लास
ऊर्जा बचाने वाली LED लाइटिंग
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम
वर्षा जल संरक्षण
ऊर्जा दक्ष डिजाइन
जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसी कारण इसे GRIHA 5-Star Green Building मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
10. संशोधित UDAN योजना की भी हुई शुरुआत
जोधपुर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना की शुरुआत भी की। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ना है, जिससे आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा और अधिक सुलभ बन सके।
राजस्थान के पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि नए एयरपोर्ट टर्मिनल के शुरू होने से जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, सिरोही और पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में पर्यटन, होटल उद्योग, हस्तशिल्प, निर्यात और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।