अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने दूसरे दिन करीब 8 घंटे तक अयोध्या में विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान ट्रस्ट की भूमि खरीद से जुड़े बैंक लेन-देन, आंतरिक ऑडिट रिकॉर्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। देर शाम जांच पूरी करने के बाद एसआईटी की टीम लखनऊ लौट गई।
ट्रस्ट की जमीन खरीद से जुड़े बैंक रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट की भूमि खरीद से जुड़े बैंक लेन-देन का सत्यापन किया। इस दौरान संबंधित बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई तथा खातों और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच टीम ने बैंक से जुड़े कई दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका अब विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
आंतरिक ऑडिट और वित्तीय दस्तावेज खंगाले
जांच के दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट के आंतरिक ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की और कुछ अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उन्हें फॉरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण के लिए सुरक्षित किया है।
संपत्तियों का भी लिया गया ब्योरा
जांच एजेंसियों ने ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख लोगों की संपत्तियों का भी विवरण जुटाया। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से संबंधित संपत्तियों और उपलब्ध रिकॉर्ड का प्रारंभिक स्तर पर परीक्षण किया गया। हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
आरोपी अविनाश शुक्ला रिमांड पर
मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के कमरे और उसके द्वारा बताए गए अन्य संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामले से जुड़े कोई अतिरिक्त दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य या अन्य सामग्री बरामद हो सकती है या नहीं।
शाम को लखनऊ लौटी SIT
करीब पूरे दिन चली जांच के बाद एसआईटी की टीम शाम लगभग 7 बजे अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हो गई। माना जा रहा है कि अब जब्त किए गए दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। जांच के आधार पर आगे संबंधित लोगों से पूछताछ या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
जांच पर बनी सभी की नजर
राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला धार्मिक और सार्वजनिक महत्व से जुड़ा होने के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है। जांच एजेंसियां फिलहाल सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।