जयपुर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने तबादलों (Transfer) पर दी गई छूट को 5 दिन और बढ़ाते हुए अब 10 जुलाई 2026 तक कर दिया है। पहले यह अवधि 5 जुलाई तक तय की गई थी, लेकिन विभिन्न विभागों में तबादला प्रक्रिया पूरी नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद सरकार ने समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया। इस फैसले से उन कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा जो लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे थे। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कुछ विभागों में फिलहाल तबादलों पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किसे राहत मिली, किन कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी, कौन इस बार भी ट्रांसफर सूची से बाहर रहेगा और आगे की पूरी प्रक्रिया क्या होगी।
क्यों बढ़ानी पड़ी तबादलों की समय-सीमा?
राजस्थान सरकार ने 19 जून को कई विभागों में वर्षों बाद तबादलों पर लगी रोक हटाते हुए 5 जुलाई तक ट्रांसफर की अनुमति दी थी। इस दौरान सभी विभागों को प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी लेने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे और रिफाइनरी परियोजना के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों के कारण कई विभागों में ट्रांसफर प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई मंत्री, विधायक और भाजपा नेताओं ने भी सरकार से समय बढ़ाने की मांग की थी। इसी के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग ने आदेश जारी कर तबादलों की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 जुलाई 2026 कर दी।
सचिवालय से लेकर मंत्रियों के आवास तक लगी कर्मचारियों की भीड़
तबादलों पर छूट मिलते ही पूरे प्रदेश में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सचिवालय में रोजाना हजारों कर्मचारी और जनप्रतिनिधि अपने तबादलों को लेकर पहुंच रहे हैं। विभिन्न विभागों के मंत्रियों के सरकारी आवासों पर भी बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके प्रतिनिधि ट्रांसफर संबंधी अनुशंसा के लिए पहुंच रहे हैं। कई विभागों में देर रात तक ट्रांसफर प्रस्तावों पर काम चल रहा है।
किन कर्मचारियों को मिलेगी सबसे पहले प्राथमिकता?
सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि तबादलों के दौरान कुछ विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि मानवीय आधार पर उनके मामलों का पहले निपटारा किया जा सके।
प्राथमिकता सूची में शामिल कर्मचारी
एकल महिला कर्मचारी
विधवा महिला कर्मचारी
परित्यक्ता महिला कर्मचारी
गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी
कैंसर मरीज
हृदय रोग से पीड़ित कर्मचारी
किडनी संबंधी गंभीर बीमारी वाले कर्मचारी
मस्तिष्क एवं फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी
मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित अन्य गंभीर रोगी
दिव्यांग कर्मचारी
लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारी
पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में होने वाले मामले
सरकार का उद्देश्य है कि ऐसे कर्मचारियों को मानवीय आधार पर राहत मिल सके।
किन कर्मचारियों को इस बार भी नहीं मिलेगी राहत?
हालांकि सरकार ने अधिकांश विभागों के लिए ट्रांसफर विंडो खोल दी है, लेकिन दो बड़े वर्ग ऐसे हैं जिनके लिए फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है।
इन विभागों में तबादले फिलहाल बंद रहेंगे
1. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
मानसून और संभावित मौसमी बीमारियों को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के तबादलों पर रोक जारी रहेगी।
2. तृतीय श्रेणी शिक्षक
शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर 2018 से प्रतिबंध लगा हुआ है। इस बार भी सरकार ने इस प्रतिबंध को जारी रखा है। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस रोक को हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें राहत नहीं मिली।
किन संस्थाओं पर लागू होगा नया आदेश?
सरकार का यह आदेश केवल सचिवालय तक सीमित नहीं रहेगा।
यह आदेश लागू होगा-
सभी सरकारी विभागों पर
सरकारी निगमों पर
मंडलों पर
बोर्डों पर
स्वायत्तशासी संस्थाओं पर
सभी विभाग अपने स्तर पर ट्रांसफर प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
अब कर्मचारियों को क्या करना होगा?
सरकार द्वारा समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद कर्मचारियों के पास अब अतिरिक्त पांच दिन का समय है। इस अवधि में उन्हें अपने आवेदन, आवश्यक दस्तावेज और विभागीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि किसी कर्मचारी का मामला विभागीय स्वीकृति या प्रशासनिक स्तर पर लंबित है, तो उसे भी 10 जुलाई से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्थान ट्रांसफर पॉलिसी 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
| प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|
| तबादलों पर छूट लागू | 19 जून 2026 |
| पहली अंतिम तिथि | 5 जुलाई 2026 |
| नई अंतिम तिथि | 10 जुलाई 2026 |
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों से बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। सरकार द्वारा पांच दिन की अतिरिक्त छूट दिए जाने से हजारों लंबित मामलों के निपटने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों, दिव्यांगों और गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए ट्रांसफर पर रोक जारी रहने से इन वर्गों में अब भी नाराजगी बनी हुई है।