भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ने घरेलू स्तर पर अभूतपूर्व सफलता हासिल करने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल पेमेंट सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिसके तहत इजराइल अब भारत के UPI नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। इस साझेदारी का अर्थ यह है कि इजराइल में भारतीय पर्यटक, छात्र और व्यवसायी अब स्थानीय स्तर पर आसानी से UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इससे पर्यटन, स्टार्टअप सहयोग और व्यापारिक लेनदेन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
UPI की बढ़ती वैश्विक साख और डिजिटल इंडिया की सफलता
डिजिटल इंडिया पहल के दौरान शुरू किया गया UPI आज भारत की डिजिटल क्षमता की पहचान बन चुका है। वित्त मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 57% डिजिटल लेनदेन UPI के जरिए होते हैं। आसानी, सुरक्षा और त्वरित भुगतान के कारण यह सिस्टम भारत की रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था में गहराई से एकीकृत हो चुका है। अब जब यही तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रही है, तो यह भारत की वैश्विक फिनटेक ताकत को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।
इजराइल में भारतीयों के लिए आसान और सुरक्षित भुगतान सुविधा
इजराइल जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश में UPI की शुरुआत, भारत के साथ उसके सहयोग को नई दिशा देती है। इजराइल में मौजूद भारतीय नागरिकों और पर्यटकों को अब कैश या कार्ड की जटिलता में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ मोबाइल पर मौजूद UPI ID या QR कोड स्कैन करके तुरंत भुगतान पूरा किया जा सकेगा। यह सुविधा व्यापार यात्राओं को भी सरल बनाएगी और भारतीय स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों का मार्ग खोलेगी।
NPCI की भूमिका और UPI की तकनीकी विश्वसनीयता
UPI को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है, जिसने भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती दी है। UPI की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रियल-टाइम और सुरक्षित प्रोसेसिंग प्रणाली है, जिसे दुनिया के कई देश अपनाना चाहते हैं। बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड या अन्य जटिल विवरण की आवश्यकता न होने के कारण यह सेवा उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा और सहजता प्रदान करती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय फिनटेक विशेषज्ञ UPI को भविष्य की भुगतान तकनीक मान रहे हैं।
भारत–इजराइल आर्थिक सहयोग को नई गति
UPI का विस्तार सिर्फ भुगतान सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग और डिजिटल कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पर्यटन, शिक्षा, रक्षा और कृषि-तकनीक जैसे क्षेत्रों में पहले से चल रहे सहयोग को इस डिजिटल पुल के माध्यम से और भी गति मिलेगी। भारतीय पर्यटकों के लिए भुगतान सरल होगा और इजराइली कारोबारी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ और सहजता से जुड़ सकेंगे।
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