भोपाल। हर्ष फायरिंग के मामले में दर्ज एफआईआर के विरोध में विपक्ष ने आज विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान ने गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अनोखे अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया। विधायक ने एफआईआर को झूठा बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।
मध्य प्रदेश की से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल अपने बयानों और विरोध के तरीकों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर शिव बारात के दौरान हर्ष फायरिंग से जुड़े वायरल वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो में विधायक घोड़े पर सवार नजर आते हैं और हाथ में बंदूक लेकर हवाई फायर करते दिखते हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नियमानुसार मामला दर्ज किया है।
गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर जताया विरोध
शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर विधानसभा में जमकर हंगामा किया, सरकार विरोधी नारे लगाए और एफआईआर वापस लेने की मांग की। इसी दौरान बाबू जंडेल ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचते हुए के सामने शीर्षासन कर विरोध प्रदर्शन किया।
शीर्षासन की मुद्रा में ही मीडिया से बोले विधायक
शीर्षासन की अवस्था में मीडिया से बात करते हुए बाबू जंडेल ने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 15 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों में सरकार के इशारे पर दो नई एफआईआर कराई गई हैं। विधायक ने कहा कि जब भी कांग्रेस जनहित के मुद्दे उठाती है, तो उसकी आवाज दबाने के लिए पुलिस केस लगाए जाते हैं। उन्होंने ताजा एफआईआर को भी झूठा बताते हुए कहा कि शिव बारात के दौरान उन्होंने सिर्फ चिड़ी मार बंदूक से हवाई फायर किया था, लेकिन बिना जांच के मामला दर्ज कर लिया गया। बाबू जंडेल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के हर्ष फायरिंग के कई वीडियो मौजूद हैं, जो उन्होंने खुद एसपी को सौंपे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
एफआईआर वापस नहीं ली तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस विधायक ने चेतावनी दी कि यदि उनके खिलाफ दर्ज की गई कथित झूठी एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे जेल जाना पड़े या जान चली जाए, वे डरने वाले नहीं हैं। शीर्षासन विरोध पर उन्होंने कहा—
“मैं गांधी जी के सामने सिर झुकाता हूँ और सरकार को जूता दिखाता हूँ, यही संदेश देना चाहता हूँ।”
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