देश में अभी चैत्र नवरात्रि का महापर्व चल रहा है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां गौरी एवं कन्या पूजन का खास महत्व बताया गया है। इस बार महाष्टमी आज यानी की 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आपको बता दें कि, नवरात्रि के अंतिम दिन हवन आदि करने के बाद कन्या पूजन किया जाता है। ऐसे में इस दिन राशिनुसार कुछ मंत्रों का जाप करना बेहद लाभदायी होता है।
महा अष्टमी पर राशिनुसार करें इन मंत्रों का जाप:
मेष राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विचचे नमः
वृषभ राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ यं यं देवी चंडिका देवी नमः
मिथुन राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ऐं ह्रीं क्लीं त्रिपुर सुंदरीये नमः
कर्क राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कात्यायनी नमः
सिंह राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नमः
कन्या राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमातायै नमः
तुला राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः
वृश्चिक राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महालक्ष्मी नमः
धनु राशि:
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सरस्वती नमः
मकर राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं दुर्गा देव्यै नमः
कुंभ राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं अन्नपूर्णा देव्यै नमः
मीन राशि
मंत्र: ॐ ॐ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं भगवती देव्यै नमः
महा अष्टमी के दिन इन मंत्रों का जाप करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
यह भी ध्यान रखें
मंत्रों का जाप स्नान करने के बाद, स्वच्छ वस्त्र पहनकर, शांत स्थान पर बैठकर करना चाहिए।
मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
मंत्रों का जाप करते समय एकाग्रता बनाए रखें।
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