ब्रह्मांड की देखरेख भगवान शिव के हाथों में
भगवान विष्णु के योगनिद्रा में चले जाने के बाद ब्रह्मांड की देखरेख भगवान शिव के हाथों में होती है। इसलिए सावन के पवित्र महीने की इस पहली एकादशी का व्रत रखने वाले साधक-साधिका को एक साथ ‘हरि’ यानी भगवान विष्णु और ‘हर’ यानी भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इन दोनों देवों की कृपा से दुनिया का ऐसा कौन-सा काम है, जो नहीं हो सकता है, बस सच्ची लगन और निष्ठा से उन्हें प्रसन्न करने की जरूरत है।कामिका एकादशी पर करें ये उपाय
1-सावन की इस पहली एकादशी के दिन रुद्राक्ष की माला धारण करने से शीघ्र ही सभी ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं।
2-पूजन के समय भगवान शिव की विधिवत पूजा के बाद उनको भभूत लगाएं और इसके बाद अपने मस्तक पर भी भभूत लगाएं। यह मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है और राहु के असर को समाप्त करता है।
3-भगवान शिव और भगवान विष्णु को एक साथ प्रसन्न करने के लिए बेल पत्र पर ‘ॐ श्री हरिः’ लिख कर कम से कम 5 बेल पत्र चढ़ाएं। कामिका एकादशी के रोज भूखे व्यक्तियों, गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
4- किसी जरूरतमंद की मदद करें। शीघ्र ही भगवत्कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।