महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस खिताबी मुकाबले में बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शतकीय साझेदारी ऑस्ट्रेलिया की जीत की सबसे बड़ी वजह रही। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी ट्रॉफी जीत चुका है।
इंग्लैंड ने 150 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने महज 7 रन पर पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। 10.5 ओवर में 70 रन पर चार विकेट खोने के बाद साइवर-ब्रंट और फ्रेया कैंप ने शानदार वापसी कराई।
दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 80 रन की नाबाद साझेदारी की। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाए, जबकि फ्रेया कैंप ने 28 गेंदों में 44 रनों की तेज पारी खेली। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड ने 4 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए।
मूनी-लिचफील्ड की शतकीय साझेदारी ने पलटा मैच
151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटका जरूर लगा, लेकिन इसके बाद बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 100 रन की शानदार साझेदारी कर इंग्लैंड की उम्मीदें खत्म कर दीं।
फोएबे लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 48 रन बनाए और अपने अर्धशतक से सिर्फ दो रन दूर रह गईं। वहीं बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल रहे।
17.1 ओवर में हासिल किया लक्ष्य
लिचफील्ड के आउट होने के बाद एलिस पेरी ने बेथ मूनी का अच्छा साथ दिया। पेरी 13 रन बनाकर नाबाद रहीं और ऑस्ट्रेलिया ने 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से शार्लेट डीन, लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन को एक-एक विकेट मिला, लेकिन वे ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बल्लेबाजी के सामने बेअसर साबित हुईं।
रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व विजेता बना ऑस्ट्रेलिया
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 वर्ल्ड कप में अपना दबदबा कायम रखते हुए सातवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। वहीं इंग्लैंड का दूसरा खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाजी ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को एक और ऐतिहासिक जीत दिलाई।