नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज (6 जुलाई) नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी होंगे मौजूद
समारोह में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), कृष्ण पाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। देशभर की सहकारी संस्थाओं, डेयरी संघों, सहकारी बैंकों और पैक्स (PACS) के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
अन्न भंडारण परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
अमित शाह विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत 135 नए गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का उद्घाटन और 47 नए गोदामों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा 'सहकार वन' परियोजना का भूमि पूजन भी किया जाएगा, जिसे अमूल और एनसीसीएफ मिलकर विकसित कर रहे हैं।
डिजिटल पहल का होगा शुभारंभ
समारोह में एनसीडी 3.0, जियो-टैग मोबाइल एप, एनडीडीबी मिल्क सप्लाई डैशबोर्ड और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाएंगे। साथ ही डेयरी क्षेत्र और सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत होगी।
शहरी सहकारी बैंकों को मिलेंगी नई डिजिटल सुविधाएं
कार्यक्रम में 'सहकार सीबीएस' और 'सहकार सहयोगी' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ होगा। इनका उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों की बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है।
50 हजार PACS होंगे पूरी तरह डिजिटल
समारोह की बड़ी उपलब्धियों में 50,000 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को ई-पैक्स (e-PACS) में बदलने की घोषणा शामिल है। इसके अलावा बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बीबीएसएसएल और आईसीएआर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे और सहकारिता मंत्रालय की पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।
'सहकार से समृद्धि' विजन को मिलेगा नया विस्तार
सरकार का कहना है कि इन पहलों से किसानों, महिलाओं, युवाओं, डेयरी उत्पादकों और ग्रामीण सहकारी संस्थाओं को नई ताकत मिलेगी। साथ ही देश में सहकारिता आधारित विकास मॉडल को और मजबूत करने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होगा।