रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में लंबे समय से चल रहे शराब घोटाले के मामले में एक अहम मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। 18 जुलाई 2025 से जेल में बंद चैतन्य बघेल के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है, वहीं इस घटनाक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए भी सुकून देने वाला माना जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब महज़ एक सप्ताह पहले ही राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले में ACB और EOW ने जांच के दौरान अब तक का सबसे बड़ा दावा पेश किया था। कोर्ट में दाखिल की गई आठवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि घोटाले के तहत चैतन्य बघेल को 200 से 250 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।
करीब 3,800 पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में चैतन्य बघेल को मुख्य आरोपी के तौर पर नामित किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि 2018 से 2023 के बीच, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग के भीतर एक अवैध ‘सिंडिकेट’ सक्रिय था, जो शराब कारोबार के ज़रिये अवैध वसूली करता था। शुरुआती जांच में इस घोटाले की रकम लगभग ₹3,000 करोड़ आंकी गई थी, लेकिन ताज़ा संकेतों के अनुसार यह आंकड़ा अब ₹3,500 करोड़ से भी अधिक हो सकता है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा
जमानत मिलने के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह संतोष और खुशी की बात है कि हाईकोर्ट से राहत मिली है। केवल एक फरार व्यक्ति के बयान के आधार पर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की गई। सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता। केंद्र और राज्य सरकार, दोनों मिलकर हमें परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। फिलहाल, इस फैसले ने जहां राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है, वहीं आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा और दशा पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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