लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 23 अधिकारियों का तबादला किया है जिनमें 15 IAS और 8 PCS अधिकारी शामिल हैं। इन तबादलों में विकास चिकित्सा शिक्षा पंचायती राज राजस्व खनन और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव शामिल हैं। ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरे नियुक्त किए गए हैं। सरकार ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागों में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से ये बदलाव किए हैं। लखनऊ समेत कई जिलों में सीडीओ और अन्य पदों पर नई नियुक्तियां हुई हैं। आला अधिकारियों के स्तर पर हुए इन तबादलों से प्रशासनिक ढांचे में ताजगी आने की उम्मीद है।
आवास विकास और पीसीएफ में बदलाव
राकेश कुमार सिंह को लखनऊ के एडीएम वित्त और राजस्व पद से हटाकर हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल का अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है। नीरज शुक्ला को हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के अतिरिक्त आयुक्त पद से पीसीएफ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। पीसीएफ के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्र भूषण का तबादला लोहिया अकादमी के अतिरिक्त निदेशक पद पर किया गया है। इन बदलावों से आवास और सहकारिता क्षेत्रों में नई दिशा मिलने की संभावना है। अधिकारियों को उनके अनुभव के अनुरूप नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक मशीनरी को और प्रभावी बनाने की मंशा साफ झलकती है।
चिकित्सा शिक्षा और जिला प्रशासन में फेरबदल
सचिन कुमार सिंह को जौनपुर मंडी परिषद के अतिरिक्त निदेशक पद से चिकित्सा शिक्षा विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। ध्रुव खड़िया को मऊ का सीडीओ नियुक्त किया गया है और विवेक कुमार श्रीवास्तव को मऊ के सीडीओ पद से प्रयागराज में राजस्व बोर्ड का सदस्य न्यायिक नियुक्त किया गया है। नरेंद्र बहादुर सिंह को लखीमपुर खीरी के एडीएम पद से जौनपुर का सीडीओ नियुक्त किया गया है। इन तबादलों से चिकित्सा शिक्षा और जिला स्तरीय प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। जिलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया गया है।
पंचायती राज और खनन विभाग में बदलाव
यूपीडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरि प्रताप शाही को पंचायती राज निदेशक नियुक्त किया गया है। पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह को पीसीडीएफ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश बिंदु को चिकित्सा शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। खनन विभाग में भी बदलाव किए गए हैं। माला श्रीवास्तव को भूविज्ञान और खनन विभाग के सचिव निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया गया है और उन्हें केवल भूविज्ञान और खनन निदेशक के पद पर बनाए रखा गया है। डॉ. उज्ज्वल कुमार को यूपीएमएससीएल के एमडी पद से भूविज्ञान और खनन विभाग में विशेष सचिव और निदेशक नियुक्त किया गया है। जे. रीभा को भूविज्ञान और खनन विभाग की विशेष सचिव के पद से यूपीएमएससीएल का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन में अदला-बदली
विश्वविद्यालय प्रशासन में भी फेरबदल किए गए हैं। केजीएमयू की रजिस्ट्रार अर्चना गहरवार को एकेटीयू का रजिस्ट्रार बनाया गया है जबकि एकेटीयू की रजिस्ट्रार रीना सिंह को केजीएमयू के रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों में इस अदला-बदली से प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है। दोनों विश्वविद्यालयों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से कामकाज में सुधार आने की उम्मीद है। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए ये बदलाव किए हैं। कुल मिलाकर ये तबादले प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।