मसूरी : अंबेडकर चौक से कैमल बैक रोड जाने वाले मार्ग पर कृष्णा पैलेस होटल के सामने सड़क का बेस खिसकने से हादसे का खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन और पानी के रिसाव के कारण सड़क के नीचे का हिस्सा काफी हद तक खोखला हो गया है। स्थिति को देखते हुए नगर पालिका और पुलिस ने एहतियातन मार्ग को पूरी तरह बंद कर दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है।
पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सड़क के नीचे का बेस खाली हो चुका है। ऐसे में यदि कोई वाहन इस हिस्से से गुजरता है तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी धंस सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
पानी के रिसाव और ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान पालिकाध्यक्ष ने सड़क के आसपास पेयजल लाइनों में संभावित रिसाव और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से पानी की उचित निकासी नहीं होने को सड़क के नीचे की जमीन कमजोर होने की एक वजह माना जा रहा है।
पालिकाध्यक्ष के अनुसार जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को रविवार को मौके पर बुलाया गया है। विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण के बाद सड़क को सुरक्षित करने और क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्निर्माण को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कई प्रमुख स्थानों को जोड़ता है मार्ग
अंबेडकर चौक से कैमल बैक रोड की ओर जाने वाला यह मार्ग स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और होटल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग कई प्रमुख होटलों के अलावा पालिकाध्यक्ष और एसडीएम आवास को भी जोड़ता है।
सड़क बंद होने के बाद स्थानीय लोगों और होटल कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका सीधा असर क्षेत्र के आवागमन और होटल कारोबार पर पड़ सकता है।
होटल संचालक ने स्थायी समाधान की मांग की
कृष्णा पैलेस होटल के संचालक सागर पवार ने बताया कि बारिश और पेयजल का पानी उचित निकासी नहीं होने के कारण लंबे समय से सड़क के आसपास की जमीन कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान केवल सड़क की ऊपरी सतह की मरम्मत करने से नहीं होगा।
उन्होंने सड़क के नीचे मजबूत पुश्ता निर्माण स्थायी नाला और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था तैयार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पानी की निकासी की समस्या को दूर नहीं किया गया तो सड़क की स्थिति भविष्य में फिर खराब हो सकती है।
प्रशासन के सामने स्थायी समाधान की चुनौती
फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग को बंद कर दिया गया है और दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई है। अब जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद सड़क को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और होटल कारोबारियों की मांग है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ इसके नीचे मजबूत आधार और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में दोबारा सड़क धंसने जैसी स्थिति पैदा न हो।
फिलहाल मार्ग बंद होने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। विभागीय निरीक्षण और तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही सड़क के पुनर्निर्माण और इसे दोबारा यातायात के लिए खोलने को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।