हरिद्वार : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे जहां उन्होंने सबसे पहले कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री CII की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी का जायजा लिया और इसके बाद पंचायती राज विभाग की ओर से आयोजित पंचायत प्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति पर भी निशाना साधा।
इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को प्रमुखता दी गई। उन्होंने CII की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो का उद्घाटन किया और प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
इस आयोजन को उद्योग जगत से जुड़े विषयों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया जहां ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में पंचायतों की भूमिका पर चर्चा की गई।
ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम: CM धामी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था विकास की एक महत्वपूर्ण इकाई है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा और जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है इसलिए गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ स्वस्थ और सुदृढ़ बनाना जरूरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने में ग्राम प्रधानों क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका अहम है। पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर जनता से सीधे जुड़े रहते हैं और स्थानीय जरूरतों को समझते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने होम-स्टे योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों कृषि एवं बागवानी से जुड़ी गतिविधियों और अंत्योदय के संकल्प का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए जरूरी है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री के अनुसार ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों के सहयोग से गांवों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप कार्य करना और गांवों को स्वच्छ एवं मजबूत बनाना विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कांग्रेस और विपक्ष पर CM धामी का निशाना
पंचायत प्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष को अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालने की बात कही और देश में आपातकाल लगाए जाने तथा चुनी हुई सरकारों को गिराए जाने के दौर का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते तो वह चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन EVM प्रशासनिक मशीनरी और न्यायपालिका पर सवाल उठाने लगता है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों और ऐतिहासिक पहलों को समझती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार के नेतृत्व और विकास कार्यों पर भरोसा जताया।
पंचायतों के जरिए ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर
मुख्यमंत्री के हरिद्वार दौरे के दौरान औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ ग्रामीण विकास और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही। पंचायत प्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के योगदान को रेखांकित किया गया।
राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रमुख विषय हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन और पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्रामीण विकास के साथ विपक्ष की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। उनके हरिद्वार दौरे में इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो का उद्घाटन और पंचायत प्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम प्रमुख गतिविधियां रहीं।