लक्सर : उत्तराखंड में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी जीतसिंह ने आरोप लगाया है कि करीब एक साल से अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। इसको लेकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकारी व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
एक साल से अधिकारियों के चक्कर काटने का आरोप
इस्माइलपुर निवासी जीतसिंह का कहना है कि वह पिछले करीब एक साल से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने गांव में पेयजल की समस्या और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अपनी शिकायतों से अवगत करा रहे हैं। इसके बावजूद, उनके अनुसार समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।
जीतसिंह का आरोप है कि बार-बार अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के बाद भी उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से भी राहत नहीं मिलने का दावा
जीतसिंह को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों पर संबंधित विभाग कार्रवाई करेंगे और लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान होगा। हालांकि, उनका दावा है कि हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली।
इस स्थिति को लेकर उन्होंने सरकारी शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ें और हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी सुनवाई न हो तो ऐसी व्यवस्था का लाभ आम जनता तक किस तरह पहुंचेगा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाई जवाबदेही की मांग
अपनी समस्याओं को सार्वजनिक रूप से सामने रखने और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से जीतसिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि आम जनता सरकारी व्यवस्थाओं से इस उम्मीद के साथ जुड़ती है कि उसकी समस्याओं का समय पर समाधान होगा। लेकिन जब शिकायतों के बावजूद राहत नहीं मिलती, तो लोगों को निराशा का सामना करना पड़ता है।
अब जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर निगाहें
जीतसिंह की शिकायतों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हरिद्वार जिले के संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं। साथ ही स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पेयजल समस्या और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर क्या कार्रवाई की जाती है यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा और उनके निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और शिकायतों की आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं व्यवस्था की जवाबदेही का भी
इस्माइलपुर निवासी जीतसिंह का मामला सरकारी शिकायत निवारण व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
ऐसे में जरूरी है कि शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिले। अब देखना होगा कि जीतसिंह की गुहार के बाद उनकी समस्याओं का समाधान हो पाता है या नहीं और संबंधित विभाग उनकी शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं।