हरिद्वार के निष्काम सेवा ट्रस्ट आश्रम में विश्व हिंदू परिषद विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। इस बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित कई प्रमुख साधु-संतों ने भाग लिया। बैठक के दौरान हिंदू समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक धार्मिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
हिंदू समाज की एकता को मजबूत करने पर विचार
दो दिनों तक चली इस बैठक में प्रमुख रूप से गौ रक्षा और गौ संवर्धन के लिए सख्त कानून बनाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने परिवार कानूनों की समीक्षा करने तथा हिंदू समाज की एकता को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई। साथ ही रामालय ट्रस्ट सहित अन्य ट्रस्टों की भी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।
देश को आगे बढ़ाने के लिए मंथन आवश्यक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे मंथन आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि विहिप वर्षों से समाज और राष्ट्रहित में कार्य कर रही है और इस प्रकार की बैठकों से सकारात्मक दिशा मिलती है। मुख्यमंत्री ने साधु-संतों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया और सरकार की ओर से चलाए जा रहे सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यों की जानकारी साझा की।
विहिप चलाएगी व्यापक अभियान
वहीं विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संपूर्ण गौवंश की रक्षा के लिए सरकार को जल्द से जल्द प्रभावी कानून बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विहिप इस दिशा में एक व्यापक अभियान चलाएगी। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच का समर्थन करते हुए कहा कि केवल एक ट्रस्ट ही नहीं बल्कि अन्य संबंधित ट्रस्टों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बैठक को हिंदू समाज की एकता सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिसमें कई नीतिगत और सामाजिक विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।