कर्णप्रयाग में निहंग समुदाय और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद की जांच अब हरिद्वार पुलिस करेगी। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने इस प्रकरण को चमोली जिले से स्थानांतरित कर हरिद्वार पुलिस को सौंप दिया है। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई क्रॉस एफआईआर की जांच अब हरिद्वार पुलिस की निगरानी में की जाएगी।
शिशपाल सिंह नेगी करेंगे जांच दल का नेतृत्व
इस संबंध में हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच दल SIT का गठन किया गया है। जांच दल का नेतृत्व सीओ सिटी शिशपाल सिंह नेगी करेंगे। टीम में पुलिस अधिकारी नितेश शर्मा सहित अन्य अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है।
एसएसपी भुल्लर ने कहा कि SIT जल्द ही मामले की जांच शुरू करेगी और विवाद से जुड़े सभी तथ्यों परिस्थितियों और साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाएगी ताकि मामले का समयबद्ध और न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
दोनों पक्षों ने कराए मुकदमे दर्ज
गौरतलब है कि कर्णप्रयाग में हाल ही में निहंग समुदाय और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे। मामले ने क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी जिसके बाद निष्पक्ष जांच की मांग भी उठने लगी थी। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जांच को दूसरे जिले में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
अब हरिद्वार पुलिस की SIT पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाएगा।
मामले के हरिद्वार स्थानांतरित होने के बाद अब सभी की निगाहें SIT की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।