परिवारवाद और टिकट वितरण को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि परिवारवाद की बात करने से पहले भाजपा को अपने नेताओं की ओर भी देखना चाहिए।
कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल
आलोक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के कई ऐसे नेता जिन पर परिवारवाद के आरोप लगाए जाते रहे हैं वे अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में भाजपा को कांग्रेस पर सवाल उठाने के बजाय अपने घर की स्थिति को देखना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस में टिकट किसे देना है इसका निर्णय पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाता है। टिकट वितरण की पूरी प्रक्रिया पार्टी संगठन और नेतृत्व के स्तर पर तय होती है जिसमें सामूहिक निर्णय की भूमिका रहती है।
टिकट वितरण पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस के टिकट वितरण पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उछाल रही है जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता यशपाल के बयान का भी उल्लेख किया। आलोक शर्मा ने कहा कि यदि ऐसा कोई बयान दिया गया है तो उसके पीछे निश्चित रूप से कोई न कोई आधार जरूर होगा और उसकी भी जांच या स्पष्टता आवश्यक है।
कुल मिलाकर परिवारवाद और टिकट वितरण को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं जिससे प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है।