देहरादून में घंटाघर के पास सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को देर रात जिला प्रशासन और एमडीडीए की संयुक्त कार्रवाई में ध्वस्त कर दिया गया। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है।
अवैध कब्जा नहीं बर्दाश्त
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा जिससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक पहचान सांस्कृतिक मूल्यों और देवत्व के लिए जानी जाती है। इस मूल स्वरूप को बनाए रखना राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से अतिक्रमित की गई जमीनों और उन पर बनी अवैध संरचनाओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाना सरकार की निरंतर नीति है ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी किसी भी कीमत पर प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया जा चुका है और लगभग 600 अवैध संरचनाओं को हटाया गया है। साथ ही उन्होंने परिवार रजिस्टर और विभिन्न सरकारी दस्तावेजों के सत्यापन अभियान का भी उल्लेख किया जिसके तहत राशन कार्ड आधार वोटर आईडी और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो भी लोग गलत तरीके से लाभ लेते पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और सशक्त उत्तराखंड देना है।
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