एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर ने लोहाघाट नगर की भूमि को लेकर एक बड़ा आदेश पारित किया है। उक्त आदेश में 18 नवंबर 2011 द्वारा लोहाघाट नगर सीमा अंतर्गत 3320 नाली 04 मुट्ठी लगभग (166 एकड़) भूमि को नजूल भूमि के रूप में दर्ज किए जाने एवं इसका प्रबंधन नजूल नीति के अनुरूप किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्टांप पेपर पर क्रय विक्रय की कार्यवाही
एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर ने कहा उक्त भूमि के फ्री होल्ड होने तक लोहाघाट नगर की भूमि पर काबिज किसी व्यक्ति को उक्त भूमि व उसमें बने भवन को किसी प्रकार से हस्तांतरित करने अथवा क्रय विक्रय करने का कोई अधिकार नहीं है। एसडीएम नीतू डांगर ने बताया संज्ञान में आया है कि लोहाघाट नगर क्षेत्र मे भूमि व उसमें बने भवनों को कुछ व्यक्तियों द्वारा स्टांप पेपर पर क्रय विक्रय की कार्यवाही की जा रही है जो कि नियम विरुद्ध है तथा यह कृत्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। एसडीएम ने कहा इस संबंध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि लोहाघाट नगर क्षेत्र स्थित भूमि व उसमें बने भवनों के संबंध में स्टांप पेपर पर क्रय विक्रय की कार्रवाई न करें ।अन्यथा संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। एसडीएम के इस आदेश से नगर क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। मालूम है लोहाघाट नगर वासी बरसों से नगर की नजूल भूमि को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक देने की मांग कर रहे हैं। भूमि नाम पर न होने से लोहाघाट नगर वासी कई सरकारी सुविधाओं से वंचित है।
Comments (0)