कोलकाता: आशीष बंद्योपाध्याय के निधन को लेकर बीजेपी नेता तापस राय ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। तापस राय ने कहा कि वह आशीष बंद्योपाध्याय को लंबे समय से जानते थे। उन्होंने कहा कि आशीष बंद्योपाध्याय ने अपने पीछे जो बातें छोड़ी हैं, उन्हें उन्होंने सुना है। उनके मुताबिक, आशीष ने किसी को राजनीति नहीं करने की सलाह दी थी और यह भी कहा था कि उन्होंने भ्रष्टाचार नहीं किया। तापस राय ने कहा कि मामले की जांच फिलहाल पुलिस कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में सुनने के बाद उन्हें बेहद दुख हुआ।
आशीष बंद्योपाध्याय की बातों का किया जिक्र
तापस राय ने कहा कि आशीष बंद्योपाध्याय ने अपने संदेश में कई महत्वपूर्ण बातें कही थीं। उन्होंने कथित तौर पर लोगों को राजनीति से दूर रहने की सलाह दी थी। साथ ही उन्होंने खुद पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को भी नकारा था। तापस राय ने कहा कि आशीष ने यह भी लिखा कि उनके पास विरोध करने की क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि इन बातों को सुनना और जानना उनके लिए बेहद दुखद रहा। तापस राय ने कहा कि आखिर आशीष किस परिस्थिति में इस दुनिया से चले गए, इसके बारे में वह कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बंगाल के राजनीतिक माहौल पर उठाए सवाल
आशीष बंद्योपाध्याय की मौत के मुद्दे से आगे बढ़ते हुए तापस राय ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति का माहौल खराब कर दिया गया है। तापस राय के मुताबिक, राजनीतिक रूप से भ्रष्ट और विवादों में घिरे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में ईमानदारी और विरोध की आवाज कमजोर होती जा रही है। तापस राय ने आशीष बंद्योपाध्याय की ओर से कथित तौर पर कही गई विरोध करने की क्षमता नहीं होने वाली बात का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए बेहद गंभीर और दुखद स्थिति बताया।
ममता बनर्जी की राजनीति पर तापस राय का हमला
तापस राय ने इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से एक विशेष तरह की राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा मिला है। तापस राय ने कहा कि राज्य की राजनीति पर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ा, जिन पर भ्रष्टाचार और विभिन्न विवादों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विचारधारा और सिद्धांतों की जगह धन और प्रभाव ने ले ली है। तापस राय ने कहा कि इससे बंगाल की राजनीतिक संस्कृति को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इसे राज्य के लोकतांत्रिक और राजनीतिक माहौल के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
सौकत मोल्ला, शेख शाहजहां और जहांगीर का लिया नाम
तापस राय ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं के नाम भी लिए। उन्होंने सौकत मोल्ला, शेख शाहजहां और जहांगीर का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोगों ने बंगाल की राजनीति में अपना प्रभाव स्थापित किया है। तापस राय ने आरोप लगाया कि इन लोगों के पास राजनीतिक विचारधारा और सिद्धांतों की कमी है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेताओं का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक लाभ हासिल करना रहा है। हालांकि, ये तापस राय द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। उन्होंने अपने बयान के जरिए राज्य की सत्तारूढ़ राजनीति और उसके तौर-तरीकों पर सवाल खड़े किए।
पुरुलिया में 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास
तापस राय ने आगामी कार्यक्रम को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुरुलिया के रघुनाथपुर में करीब 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ वह भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में क्षेत्र के स्थानीय सांसद समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। तापस राय ने बताया कि वित्त मंत्री और परिवहन मंत्री के भी कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रघुनाथपुर में होने वाला यह कार्यक्रम क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए इलाके में विकास कार्यों को गति देने का दावा किया जा रहा है।