कोलकाता: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी बिल्डिंग सैंक्शन प्लान के जरिए 3 करोड़ 90 लाख रुपये का ऋण हासिल कर बैंक को चूना लगाने के आरोप में हावड़ा से तीन कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान मानस रॉय, तापस रॉय और तन्मय रॉय के रूप में हुई है। डीडी एसआईटी की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हावड़ा के नंदलाल चटर्जी लेन स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में एंटी बैंक फ्रॉड सेल के अधिकारियों ने भी सहयोग किया।
2015 में दर्ज हुई थी धोखाधड़ी की शिकायत
कोलकाता पुलिस के सेंट्रल डिवीजन के अधिकारियों ने बताया कि नवंबर 2015 में पंजाब नेशनल बैंक की सी.आर. एवेन्यू शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक ने हेयर स्ट्रीट थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, मैसर्स इनिंग्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने पहले कपास के कपड़ों के कारोबार के नाम पर बैंक से ऋण लिया और बाद में कारोबार बढ़ाने के नाम पर एफएमसीजी उत्पादों तथा एसी-फ्रिज के व्यापार का हवाला देकर 3.90 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट ऋण स्वीकृत कराया।
फर्जी बिल्डिंग प्लान के सहारे लिया गया था ऋण
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ऋण हासिल करने के लिए हावड़ा नगर निगम का फर्जी बिल्डिंग सैंक्शन प्लान (बीआरसी-506, वर्ष 2017-18) बैंक में जमा किया था। दस्तावेज में 7 कट्ठा जमीन पर 12 फ्लैटों के निर्माण का उल्लेख किया गया था। हालांकि, हावड़ा नगर निगम ने लिखित रूप से पुलिस को बताया कि यह सैंक्शन प्लान पूरी तरह फर्जी है।
2020 में एनपीए घोषित हुआ खाता, बकाया पहुंचा 6.60 करोड़
लगातार किस्तें जमा नहीं करने और ऋण की राशि वापस न करने के कारण वर्ष 2020 में संबंधित खाते को एनपीए घोषित कर दिया गया। बैंक की ओर से कई बार वसूली की कोशिश की गई, लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया। ब्याज सहित अब बकाया राशि बढ़कर लगभग 6 करोड़ 60 लाख रुपये हो चुकी है।
छापेमारी में 1.55 करोड़ रुपये नकद बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपियों के घर से 1 करोड़ 55 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद कर जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बैंक से प्राप्त ऋण की राशि को कई फर्जी और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मानस रॉय के खिलाफ हावड़ा पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत डोमजुड़ और चटर्जीहाट थानों में धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।
बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बैंक धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी। वहीं, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस पूरे मामले में बैंक का कोई अधिकारी शामिल था या नहीं। यदि किसी बैंक कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।