कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले करीब 12.9 लाख ऐसे मतदाताओं की धड़कनें तेज हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे. सोमवार को यह साफ हो जाएगा कि इन लोगों को दोबारा वोट देने का अधिकार मिलेगा या नहीं.
सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस के अनुसार प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मामलों को एसआईआर ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें मतदान से 48 घंटे पहले सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा. यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है, जिससे निष्पक्षता बनाए रखी जा सके.
पहले चरण में बेहद कम राहत
पहले चरण के दौरान भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे, लेकिन ट्रिब्यूनल ने केवल 139 वोटरों को ही राहत दी, जबकि कुछ मामलों में नाम बहाल नहीं किए गए. इस वजह से प्रभावित लोगों में निराशा का माहौल है और अब दूसरे चरण में ज्यादा उम्मीदें जुड़ी हैं.
मेटियाब्रुज सबसे ज्यादा प्रभावित
हटाए गए नामों की बात करें तो दक्षिण 24 परगना का मेटियाब्रुज सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है, जहां हजारों वोटरों के नाम सूची से गायब हुए. इसके अलावा राजारहाट-न्यू टाउन, राणाघाट नॉर्थ ईस्ट, गायघाटा और राणाघाट साउथ जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं.
वोटरों में चिंता और इंतजार
कई प्रभावित मतदाताओं ने कम क्लियरेंस रेट को लेकर निराशा जताई है. कुछ लोगों को उम्मीद कम है, तो वहीं कई अब भी अपने वोटिंग अधिकार वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. फिलहाल सभी की नजरें अंतिम सूची पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं.