उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में चुनाव की सरगर्मी के बीच 'नोट के बदले वोट' का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र के कनकनगर गांव में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं पर पैसे बांटने का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने असम के पूर्व भाजपा विधायक किशोर नाथ और स्थानीय नेता तरुण मंडल को हिरासत में लिया है।
अंधेरे में 'लेनदेन' का खेल?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात जब कनकनगर गांव में अंधेरा छा गया था, तब किशोर नाथ और तरुण मंडल एक गाड़ी में सवार होकर एक स्थानीय क्लब पहुंचे। आरोप है कि वहां मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी बांटी जा रही थी। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, उन्होंने गाड़ी को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
हंगामे की सूचना मिलते ही हिंगलगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों नेताओं को उनकी गाड़ी समेत हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि गाड़ी से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
रेखा पात्रा के समर्थन में कर रहे थे प्रचार
बता दें कि पूर्व विधायक किशोर नाथ पिछले कुछ दिनों से हिंगलगंज में भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी बीच इस विवाद ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राजनीतिक घमासान तेज
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
"भाजपा विकास के वादों के बजाय पैसे के दम पर वोट खरीदना चाहती है। चुनाव आयोग की इतनी मुस्तैदी के बावजूद भाजपा सरेआम पैसे बांट रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। हम पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।"वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है और वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या लोकतंत्र में विकास के दावों की जगह अब नकद प्रलोभन ने ले ली है?