मध्यमग्राम (कोलकाता):बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ (42) की हत्या से बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस सनसनीखेज वारदात के समय मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने उस काली रात का जो मंजर बयां किया है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है।
"अचानक गोलियों की आवाज और चीखें सुनाई दीं"
प्रत्यक्षदर्शी और बीजेपी कार्यकर्ता सुशांत सरकार ने बताया कि बुधवार रात करीब 10:30 बजे वे अपने घर के पास सड़क पर कुत्तों को खाना खिला रहे थे। तभी अचानक गोलियां चलने की आवाज आई और किसी के चिल्लाने की चीखें सुनाई दीं। सुशांत तुरंत आवाज की दिशा में दौड़े।
मौके का खौफनाक मंजर
सुशांत ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा:
एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो के सामने एक छोटी कार आड़ी-तिरछी खड़ी थी, जिसने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका था।
हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे और छोटी गाड़ी खाली पड़ी थी।
स्कॉर्पियो के अंदर ड्राइवर सीट के बगल वाला व्यक्ति (ड्राइवर) बुरी तरह डरा हुआ था और रो रहा था। वह इतना डरा था कि दरवाजा खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
सुशांत ने जब उसे हिम्मत दी, तब उसने दरवाजा खोला। अंदर चंद्रनाथ रथ और एक अन्य व्यक्ति खून से लथपथ और बेसुध पड़े थे।
"पूरी तरह 'रेकी' करके किया गया हमला"
सुशांत सरकार का दावा है कि यह हमला पेशेवर तरीके से किया गया है। उन्होंने बताया "दोहारिया का यह इलाका रात 8 बजे के बाद सुनसान हो जाता है। साथ ही घटना से कुछ देर पहले तेज बारिश हुई थी, जिससे सड़कें खाली थीं। हमलावरों को इन गलियों की पूरी जानकारी थी। यहां से यशवंतपुर रोड महज एक मिनट की दूरी पर है, जिससे भागना आसान था। बिना 'रेकी' (जासूसी) के इतनी सटीक प्लानिंग संभव नहीं है।"
पोस्टमार्टम और जांच
पुलिस घटना के 5-10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी। चंद्रनाथ के शव का गुरुवार को बारासात अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस प्रत्यक्षदर्शी सुशांत सरकार के बयान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर हमलावरों की तलाश कर रही है।