कोलकाता डेस्क: बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ के कहर से अभी आंध्र प्रदेश पूरी तरह उबरा भी नहीं है कि एक और संभावित चक्रवाती तूफान ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। इसके 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने और 2 से 3 नवंबर के बीच आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना है।
3 नवंबर के आसपास आंध्र प्रदेश में दस्तक की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके और मजबूत होकर गहरे दबाव तथा फिर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है।
इस संभावित तूफान का नाम ‘मुरासु’ (Murasu) रखा जाएगा। यह नाम भारत की ओर से प्रस्तावित किया गया है, जिसका तमिल में अर्थ ‘ढोल’ होता है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। हालांकि, मौसम विभाग ने अभी तक तूफान के संभावित लैंडफॉल की सटीक जगह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पश्चिम बंगाल में कितना होगा असर?
नए चक्रवात का केंद्र आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, इसलिए पश्चिम बंगाल पर इसके सीधे प्रभाव को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में लगातार सक्रिय हो रहे मौसमी सिस्टम के कारण राज्य के मौसम पर नजर रखी जा रही है।
इस बीच, बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति और मौसम में बदलाव को लेकर सतर्कता जरूरी है। दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में बादल, हल्की बारिश या स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन फिलहाल राज्य में व्यापक चक्रवाती तबाही की आशंका जताना जल्दबाजी होगी।
तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में 4 नवंबर तक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अर्नब के बाद दूसरे तूफान की चुनौती
गौरतलब है कि चक्रवात ‘अर्नब’ ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों में दस्तक दी थी। उस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
अब एक सप्ताह के भीतर दूसरे संभावित चक्रवात की आहट ने प्रशासन और मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इस सिस्टम की दिशा, गति और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जाएगी।