भोपाल: मध्य प्रदेश में 1 नवंबर को 71वां स्थापना दिवस उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। वर्ष 1956 में विभिन्न रियासतों और क्षेत्रों को मिलाकर अस्तित्व में आए इस राज्य ने अपनी सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और विकास यात्रा के साथ एक अलग पहचान बनाई है। इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की एकता और अखंडता का संदेश दिया।
55 जिलों की मिट्टी में समाई एकता की भावना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के 55 जिलों से मिट्टी का एकत्रित होना इस बात का प्रतीक है कि अलग-अलग बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद प्रदेशवासी एक सूत्र में बंधे हैं। विविधताओं के बीच एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
भोपाल में सेना दिवस का ऐतिहासिक आयोजन
मध्य प्रदेश के लिए यह गर्व और सौभाग्य का अवसर है कि 1 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक भारतीय सेना के अदम्य पराक्रम, शौर्य और साहस को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का मुख्य आकर्षण 15 जनवरी 2027 को भोपाल में होने वाला सेना दिवस समारोह होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की धरती पर भारतीय सेना के गौरवशाली प्रदर्शन को लेकर वे स्वयं भी उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री के प्रयासों को मुख्यमंत्री ने सराहा
डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सैन्य व्यवस्था में किए गए नवाचारों और बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना और सेना में भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। साथ ही, एनसीसी के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और सैन्य प्रशिक्षण के संस्कार विकसित किए जा रहे हैं।
युवाओं की भागीदारी से बनेगा आयोजन यादगार
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से मिट्टी के कलश लेकर आए विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की भूमिका राष्ट्र और प्रदेश के विकास में बेहद महत्वपूर्ण है। सेना दिवस का यह आयोजन भारतीय सेना के शौर्य को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और समर्पण की भावना को मजबूत करने का अवसर बनेगा।
राष्ट्रभक्ति और गौरव का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षा मंत्रालय सहित आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बनाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का उत्सव पूरे देश के लिए गौरव का क्षण होगा।