लखनऊ - सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल विकास योजना’ शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कंपनियों में सीधे प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए गए हैं।
इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं और वह केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए आंदोलन कर रहा है।
ट्रेनिंग के बाद कंपनियों में प्लेसमेंट का दावा
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार की नई कौशल विकास योजना युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का काम करेगी। इसके तहत ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से युवाओं को जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे और प्रशिक्षण पूरा होने पर कंपनियों में सीधे नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं। पाठक ने योजना की शुरुआत पर प्रदेश के युवाओं को शुभकामनाएं दीं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब देश और प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर बनकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
कांग्रेस और सपा पर आंदोलन के नाम पर राजनीति का आरोप
ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल केवल अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है और उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष को हर जगह नकारात्मकता दिखाई देती है। डिप्टी सीएम ने विपक्षी दलों को जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ने और सीधे लोगों से संवाद करने की सलाह दी।
2027 में भाजपा की वापसी का किया दावा
डिप्टी सीएम ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2027 में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी। पाठक ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संभावित हार को देखते हुए तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग गुंडे-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर अपना रुख तय कर चुके हैं। ये बातें उन्होंने राजनीतिक बयान के तौर पर कहीं।
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर परिणय फुके का बयान
इस बीच भाजपा एमएलसी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री परिणय फुके ने भी राहुल गांधी के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान ने विपक्ष को संसद और लोकसभा में अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। विरोध दर्ज कराने के लिए संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
फुके ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर विपक्ष जनता का भरोसा कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के विरोध कार्यक्रम को संविधान की भावना के खिलाफ बताया। ये आरोप फुके ने अपने बयान में लगाए।
विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर कांग्रेस पर हमला
परिणय फुके ने विश्व बैंक की गरीबी संबंधी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए दावा किया कि भारत में 50.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियों को दिया।
फुके ने कहा कि सरकार एकात्म मानववाद के विचार के आधार पर काम कर रही है और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने रोजगार और गरीबों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबी में आई गिरावट सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
इस तरह उत्तर प्रदेश में कौशल विकास योजना की घोषणा के साथ ही भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर राजनीतिक हमला भी बोला। जहां ब्रजेश पाठक ने युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की बात कही, वहीं परिणय फुके ने संवैधानिक संस्थाओं और गरीबी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा।