मुंबई - भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा की पहचान उनके शानदार शॉट्स और 'हिटमैन' अंदाज के साथ उनकी 45 नंबर की जर्सी से भी जुड़ी हुई है। मैदान पर जब भी यह नंबर दिखाई देता है, फैंस को रोहित की याद आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 45 नंबर उनकी पहली पसंद नहीं था? रोहित ने हाल ही में अपने गेमिंग रियलिटी शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में इस जर्सी नंबर के पीछे की दिलचस्प कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे राहुल द्रविड़ की वजह से उन्हें अपना शुरुआती नंबर बदलना पड़ा और फिर उनकी मां की सलाह से 45 नंबर चुना गया।
शुरुआत में रोहित चाहते थे सिंगल डिजिट नंबर
शो के दौरान अभिनेता राहुल लोहानी ने रोहित से पूछा कि उन्होंने अपनी जर्सी के लिए 45 नंबर ही क्यों चुना। इस पर रोहित ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट खेलते हुए नंबर वाली जर्सी पहनी, तब वह एक अंक वाला नंबर लेना चाहते थे। लेकिन उस समय 5, 8 और 9 जैसे नंबर दूसरे खिलाड़ी पहले ही चुन चुके थे। ऐसे में उनके पास 19 नंबर बचा था। रोहित को यह नंबर पसंद भी आया और उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में इसी नंबर की जर्सी पहनकर खेलना शुरू कर दिया।

राहुल द्रविड़ के कारण बदलना पड़ा फैसला
रोहित ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि अगर वह भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाते हैं, तो 19 नंबर उनके लिए उपलब्ध नहीं होगा। एक खिलाड़ी ने उन्हें बताया कि यह नंबर पहले से राहुल द्रविड़ के पास है। उस समय द्रविड़ भारतीय टीम के कप्तान थे और 19 नंबर की जर्सी पहनकर खेलते थे। यह जानकर रोहित को अपने पसंदीदा नंबर के बजाय किसी दूसरे विकल्प के बारे में सोचना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी मां से सलाह लेने का फैसला किया।

मां ने सुझाया 9, फिर ऐसे चुना 45
रोहित ने बताया कि होटल पहुंचने के बाद उन्होंने शाम को अपनी मां को फोन किया और कहा कि वह 19 नंबर के साथ भारतीय टीम में नहीं खेल सकते। उन्होंने मां से पूछा कि अब उन्हें कौन-सा नंबर चुनना चाहिए।
रोहित के मुताबिक, उनकी मां ने उन्हें 9 नंबर की जर्सी पहनने की सलाह दी, क्योंकि वह इसे उनके लिए अच्छा मानती थीं। लेकिन 9 नंबर पहले ही किसी दूसरे खिलाड़ी के पास था। रोहित 27 नंबर भी नहीं लेना चाहते थे।
इसके बाद उन्हें 4 और 5 का कॉम्बिनेशन पसंद आया। उन्होंने अपनी मां से कहा कि 45 देखने में अच्छा लगता है और दोनों अंकों को जोड़ने पर भी 9 बनता है। मां की सलाह और अपनी पसंद को मिलाकर रोहित ने 45 नंबर चुन लिया।
एक साधारण फैसला बन गया रोहित की पहचान
रोहित की यह कहानी बताती है कि उनकी मशहूर 45 नंबर की जर्सी के पीछे कोई बड़ी रणनीति नहीं, बल्कि शुरुआती क्रिकेट करियर की एक छोटी-सी घटना और मां की सलाह थी। समय के साथ यही नंबर उनके नाम और 'हिटमैन' की पहचान का अहम हिस्सा बन गया। आज क्रिकेट प्रशंसकों के लिए 45 नंबर सिर्फ एक जर्सी नंबर नहीं, बल्कि रोहित शर्मा की याद दिलाने वाला खास प्रतीक बन चुका है।