नई दिल्ली - 1 नवंबर 2026 से आम लोगों, पेंशनर्स, टैक्सपेयर्स और कारोबारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। इनमें पेंशनर्स के जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया, इनकम टैक्स रिटर्न की बढ़ी हुई समयसीमा, GST रिफंड के नियम और मोबाइल पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम दिखाने की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा LPG और ATF की कीमतों की मासिक समीक्षा होगी, जबकि नेशनल हाईवे के कुछ टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को रियायती वार्षिक पास की सुविधा मिलेगी।
हालांकि, सभी बदलाव 1 नवंबर से पहली बार लागू नहीं हो रहे हैं। कुछ पहले से घोषित समयसीमाएं हैं, जबकि कुछ कीमतों और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अधिसूचनाओं पर निर्भर करेगी।
LPG सिलेंडर और ATF की कीमतों की समीक्षा
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के साथ विमान ईंधन के नए रेट जारी किए जा सकते हैं। कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू रसोई के बजट के साथ होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती को लेकर आधिकारिक रेट जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाले 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स के लिए 1 नवंबर से वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र यानी जीवन प्रमाण जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। उन्हें 30 नवंबर 2026 तक यह प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को यह सुविधा 1 अक्टूबर से ही मिल रही है। जीवन प्रमाण पत्र के जरिए यह सत्यापित किया जाता है कि पेंशन प्राप्त करने वाला व्यक्ति जीवित है और पेंशन पाने के लिए पात्र है। पेंशनर्स बैंक शाखा, डिजिटल जीवन प्रमाण सुविधा और उपलब्ध डोरस्टेप बैंकिंग सेवाओं के जरिए प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। तय समय में प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान अस्थायी रूप से रुक सकता है।
ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR की नई तारीख
आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ ऐसे करदाताओं को राहत दी है, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है। इनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है।
यह समयसीमा सभी करदाताओं पर लागू नहीं होती। इसका लाभ केवल निर्धारित श्रेणी के पात्र कारोबारियों, पेशेवरों और अन्य करदाताओं को मिलेगा। इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले अपनी कर श्रेणी के अनुसार अंतिम तारीख की जांच करना जरूरी है।
GST के रिफंड और डिस्काउंट नियमों में बदलाव
1 नवंबर से GST से जुड़े कुछ प्रावधान भी प्रभावी हो रहे हैं। इनमें बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट, क्रेडिट नोट और रिफंड प्रक्रिया से संबंधित बदलाव शामिल हैं। नए प्रावधानों के तहत निर्धारित शर्तें पूरी होने पर बिक्री के बाद दिए गए डिस्काउंट को टैक्स योग्य मूल्य से घटाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए संबंधित क्रेडिट नोट और खरीदार की ओर से इनपुट टैक्स क्रेडिट में जरूरी समायोजन की शर्तें लागू होंगी।
इसके अलावा, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत पात्र कारोबारियों को प्रोविजनल रिफंड की सुविधा का विस्तार किया गया है। इससे उन कारोबारियों को राहत मिल सकती है, जिनके कच्चे माल पर टैक्स की दर तैयार उत्पाद की तुलना में अधिक होती है।
मोबाइल पर कॉल करने वाले का नाम दिखेगा
टेलीकॉम क्षेत्र में Calling Name Presentation यानी CNAP सुविधा भी चर्चा में है। इस व्यवस्था के तहत मोबाइल पर आने वाली कॉल के साथ कॉल करने वाले व्यक्ति का सत्यापित नाम दिखाने का प्रावधान है। यह नाम मोबाइल कनेक्शन के KYC रिकॉर्ड से जुड़ा होगा।
इस सुविधा का उद्देश्य अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान आसान बनाना है। इसकी उपलब्धता नेटवर्क, टेलीकॉम ऑपरेटर और लागू तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगी। ध्यान रखें कि स्क्रीन पर दिखने वाला नाम किसी कॉल को पूरी तरह सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं है। बैंक या सरकारी संस्थान के नाम पर कॉल आने पर भी OTP, PIN या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों को वार्षिक पास में राहत
नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी और गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए वार्षिक टोल पास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस पास की सालाना फीस टोल प्लाजा की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग होगी। ग्रामीण क्षेत्र के टोल प्लाजा के लिए ₹1,500 और शहरी क्षेत्र के टोल प्लाजा के लिए ₹3,000 की फीस बताई गई है। पात्रता, आवेदन और पास के इस्तेमाल से संबंधित शर्तें लागू रहेंगी।
शराब की खरीद से जुड़े दावे की पुष्टि जरूरी
तमिलनाडु में ₹1,000 से अधिक कीमत वाली शराब की बोतलों के लिए डिजिटल भुगतान अनिवार्य किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इस बदलाव को राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश से मिलाए बिना पूरे राज्य में लागू नियम के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। खरीदारों को स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग की अधिसूचना से जानकारी लेनी चाहिए।
आम लोगों के लिए क्या जरूरी है?
नवंबर की शुरुआत में होने वाले ये बदलाव अलग-अलग वर्गों को प्रभावित करेंगे। पेंशनर्स को 30 नवंबर से पहले जीवन प्रमाण पत्र जमा करना चाहिए। टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को 21 नवंबर की नई समयसीमा ध्यान में रखनी होगी। कारोबारियों को GST के नए प्रावधानों की जानकारी लेनी चाहिए, जबकि वाहन मालिक टोल पास की पात्रता और फीस की जांच कर सकते हैं। LPG की नई कीमतों और अन्य सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों तथा कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करना जरूरी है।