रायपुर - छत्तीसगढ़ में पीवी ऐप के विरोध में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। आंदोलन के बीच उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पटवारियों से काम पर लौटने और जनता के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों को आंदोलन के जरिए अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन वे जनता की सेवा के लिए नियुक्त हैं और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन भी करना चाहिए। सरकार पटवारियों की मांगों पर विचार करेगी।
पटवारियों से काम पर लौटने की अपील
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, हड़ताल के कारण आम लोगों के काम प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने आंदोलनरत पटवारियों से आग्रह किया कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी जिम्मेदारियां संभालें और काम पर वापस लौटें।
पीवी ऐप के जरिए फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों को लेकर पटवारी 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। पटवारी संघ ने ऐप की समस्याओं के समाधान के साथ अपनी अन्य लंबित मांगों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने की मांग भी उठाई है।
चक्रवात अर्नब से प्रभावित किसानों की फसलों का होगा सर्वे
चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण फसलों को हुए नुकसान के मामले में उपमुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कराने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार फसल नुकसान की सूचना दी है, उनके खेतों का सर्वे कराया जाएगा। साव के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन पर साधा निशाना
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी अरुण साव ने पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को मुद्दाविहीन बताते हुए आरोप लगाया कि उसे आम जनता की समस्याओं और जनहित से कोई सरोकार नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, उनका आम लोगों की समस्याओं से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। साव ने दावा किया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रति जनता में नाराजगी है, जिसका असर आने वाले समय में दिखाई देगा।
राज्योत्सव के बीच कांग्रेस के दिल्ली जाने पर सवाल
छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव 2026 के आयोजन के बीच कांग्रेस के दिल्ली में प्रदर्शन करने पर भी उपमुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्योत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस यहां मौजूद रहने के बजाय दिल्ली में आंदोलन करने जा रही है। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनावश्यक मुद्दों पर आंदोलन कर रही है और उसे प्रदेश के विकास तथा जनहित की चिंता नहीं है। उनके मुताबिक, जनता राजनीतिक दलों के रवैये को देख और समझ रही है।
छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर सियासी विवाद
राज्योत्सव 2026 में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होने के कांग्रेस के आरोप पर भी उपमुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छोड़कर दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस नेताओं को छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
साव ने कांग्रेस पर छत्तीसगढ़ महतारी और छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर प्रदेश को अपमानित करने तथा लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया और कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के मान-सम्मान और गौरव के प्रति सरकार के मन में पूरा सम्मान है। इसके लिए कांग्रेस से प्रमाण लेने की जरूरत नहीं है।
फिलहाल प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। एक ओर पटवारी पीवी ऐप से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार ने उन्हें जनता के कामकाज को प्राथमिकता देते हुए वापस लौटने की अपील की है। अब इस मामले में सरकार और पटवारी संघ के बीच बातचीत तथा मांगों पर होने वाले फैसले पर नजर रहेगी।