कोलकाता: 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे की 80वीं बरसी पर हिंदू संहति संगठन ने कोलकाता में महा रैली का आयोजन किया। संगठन ने इस आयोजन के जरिए गोपाल मुखर्जी की भूमिका और उस दौर की घटनाओं को याद किया। 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जिसे इतिहास में ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स’ के नाम से भी जाना जाता है।
सूर्य सेन स्ट्रीट से रानी रासमणि एवेन्यू तक मार्च
महा रैली सूर्य सेन स्ट्रीट से शुरू होकर रानी रासमणि एवेन्यू तक पहुंची। पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों से लोग इसमें शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे। रैली में राष्ट्रीय ध्वज, भगवा झंडे और गोपाल मुखर्जी की तस्वीरों वाले प्लेकार्ड नजर आए। इस दौरान विभिन्न नारे और जयकारे भी लगाए गए।
गोपाल मुखर्जी की स्मृति में आयोजन
हिंदू संहति लंबे समय से 16 अगस्त के दिन 1946 की घटनाओं और गोपाल मुखर्जी से जुड़े प्रतिरोध की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। 2023 में भी संगठन ने कोलकाता में इसी संदर्भ में कार्यक्रम आयोजित किया था।
ज्योति बसु का पुतला फूंका
महा रैली के दौरान वाम नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु का पुतला भी जलाया गया। आयोजकों ने इस प्रदर्शन के जरिए 1946 की घटनाओं को लेकर अपने राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण को सामने रखा।
1946 की हिंसा की याद
16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग के आह्वान पर मनाए गए डायरेक्ट एक्शन डे के बाद कलकत्ता में व्यापक सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में हजारों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए। घटना ने भारत के विभाजन से पहले के सांप्रदायिक तनाव को और गहरा किया।