कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने कमर कस ली है। आयोग ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोटरसाइकिल के इस्तेमाल को लेकर एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। हालांकि, आम जनता और ऑनलाइन सेवा देने वाली कंपनियों के लिए कुछ राहत भरी खबरें भी सामने आई हैं।
Ola-Uber और Swiggy-Zomato को बड़ी राहत
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ओला (Ola), उबर (Uber), जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसी सेवाओं से जुड़े राइडर्स को काम करने की अनुमति होगी, ताकि चुनावी दिनों में आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
शर्त: इन सेवाओं से जुड़े सभी राइडर्स के पास वैध और सही पहचान पत्र (ID Card) होना अनिवार्य है।
जांच: ऑन-ड्यूटी अधिकारी सड़क पर इन पहचान पत्रों की सघन जांच करेंगे।
बाइक रैलियों और सामान्य आवाजाही पर पाबंदी
आयोग ने हिंसा रोकने के लिए बाइक के उपयोग पर कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं:
1. रैलियों पर रोक: मतदान से दो दिन पहले से किसी भी प्रकार की मोटरसाइकिल रैली निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
2. नाइट कर्फ्यू (48 घंटे पहले): मतदान के 48 घंटे पहले, शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी या पारिवारिक आयोजनों के लिए इसमें छूट दी जाएगी।
3. पिलियन राइडर (पीछे बैठने वाले) नियम: सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बाइक पर पीछे सवारी (Pillion Rider) ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
अपवाद: स्कूल जाने वाले छात्र, बीमार व्यक्ति और विशेष पारिवारिक कार्यों के लिए इस नियम में ढील दी गई है।
वोटिंग के दिन के नियम
मतदान वाले दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ बाइक पर बैठकर वोट डालने जा सकेंगे। यदि किसी को विशेष परिस्थिति में नियमों से छूट चाहिए, तो उन्हें संबंधित स्थानीय थाने से लिखित अनुमति लेनी होगी।
आयोग का उद्देश्य
निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों द्वारा बाइक का इस्तेमाल कर अशांति फैलाने से रोकना है, जबकि आम नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं को कम से कम असुविधा हो।