कोलकाता: जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) में विवादित ग्राफिटी और नारों को लेकर जारी विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कैंपस की दीवारों पर बनी कई विवादित पेंटिंग और लिखे गए नारों को सफेद रंग से ढक दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सख्त चेतावनी के बाद हुई है।
सुवेंदु अधिकारी ने जताई थी कड़ी आपत्ति
जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर की दीवारों पर मौजूद कुछ राजनीतिक और वैचारिक संदेशों को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले पर नाराजगी जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने कैंपस में इस तरह की गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया था।
‘आजादी’ और ‘किशनजी’ के नारों पर गरमाया विवाद
कैंपस की दीवारों पर कथित तौर पर ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘रेड सैल्यूट किशनजी’ जैसे नारे लिखे होने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी। सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में ऐसे नारों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की गतिविधियों को विश्वविद्यालय परिसर में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दीवारों से हटाए गए विवादित संदेश
प्रशासन की कार्रवाई के बाद कैंपस की कई दीवारों का रंग बदलता नजर आया। विवादित ग्राफिटी, राजनीतिक संदेशों और नारों को सफेदी के जरिए ढक दिया गया। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों से लंबे समय से नजर आ रहे कई विवादित संदेश अब दिखाई नहीं दे रहे हैं।
‘थ्रेट कल्चर’ खत्म करने पर जोर
सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित ‘थ्रेट कल्चर’ को खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया था। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में छात्रों को भयमुक्त माहौल मिलना चाहिए और परिसर में अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कार्रवाई के बाद अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर कैंपस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक पक्ष विवादित नारों और राजनीतिक ग्राफिटी को हटाने को जरूरी कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर कैंपस में वैचारिक अभिव्यक्ति की सीमा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
JU में पहले से जारी है तनाव
जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति और विभिन्न संगठनों के बीच विवाद के कारण पिछले कुछ समय से तनाव का माहौल रहा है। ऐसे में दीवारों से विवादित ग्राफिटी हटाने की कार्रवाई को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कैंपस का माहौल सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।