कोलकाता: कोलकाता नगर निगम की प्रशासक एवं आयुक्त स्मिता पांडे की अध्यक्षता में हॉकर्स की व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद हॉकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष शक्तिमान घोष ने बताया कि शहर में हॉकर्स और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं।
फुटपाथ का एक-तिहाई हिस्सा ही मिलेगा हॉकर्स को
बैठक में तय किया गया कि शहर के सभी फुटपाथों का केवल एक-तिहाई (1/3) हिस्सा ही हॉकर्स के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि दो-तिहाई (2/3) हिस्सा पैदल यात्रियों के आवागमन के लिए खाली रखना अनिवार्य होगा। हॉकर्स को निर्धारित सीमा के भीतर ही दुकान लगानी होगी और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
हॉकर्स की संख्या दोगुनी, बढ़ीं समस्याएं
2015 की सूची के अनुसार कोलकाता में करीब 2 लाख 75 हजार हॉकर्स थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। इससे स्थायी दुकानदारों को व्यापारिक नुकसान और फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल नहीं चलेगा व्यापक बेदखली अभियान
नई सरकार के गठन के बाद अवैध हॉकर्स को हटाने की चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन फिलहाल शहर में किसी बड़े स्तर पर हॉकर्स के खिलाफ बेदखली अभियान नहीं चलाया जाएगा। टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया जाएगा।
58 नॉन-हॉकिंग ज़ोन होंगे पूरी तरह खाली
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि कोलकाता के 58 नॉन-हॉकिंग ज़ोन को पूरी तरह हॉकर्स से मुक्त कराया जाएगा। खासकर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रवेश द्वार और शहर के 58 प्रमुख चौराहों पर किसी भी हॉकर्स को दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी।
होगा नया सर्वे, मिलेंगे वेंडिंग सर्टिफिकेट
पिछली सरकार के दौरान 8,727 हॉकर्स को वेंडिंग सर्टिफिकेट दिए जाने थे, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब टाउन वेंडिंग कमेटी ने हॉकर्स का नया सर्वे कराने का निर्णय लिया है, जिसके बाद पात्र हॉकर्स को नियमानुसार वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। बैठक में प्रशासक एवं आयुक्त स्मिता पांडे ने स्पष्ट किया कि शहर में हॉकिंग व्यवस्था को नियमबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।