पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद-उल-फितर के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए धार्मिक शुभकामनाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सभी को ईद की मुबारकबाद देकर की और बारिश को “अल्लाह का आशीर्वाद” बताया।
राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे न्याय के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं करेंगी और किसी को भी उन्हें छीनने नहीं देंगी।
जो लड़ते हैं, वो कामयाब होते हैं
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जो डरते हैं, वो मरते हैं, लेकिन जो लड़ते हैं, वो कामयाब होते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने देशभक्ति और संघर्ष से जुड़े शेर भी पढ़े, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया। साथ ही उन्होंने बंगाल को निशाना बनाने वालों की आलोचना करते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।
बीजेपी को सत्ता से हटाना है
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को हटाना और देश की रक्षा करना है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ईद के इस मंच से दिया गया ममता बनर्जी का भाषण धार्मिक एकता, राजनीतिक संदेश और केंद्र-राज्य संबंधों पर टिप्पणी का मिश्रण रहा।
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