पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर की झलक देखने को मिली। बुधवार सुबह ममता बनर्जी अचानक घर से निकलकर कई बूथों का जायजा लेने पहुंचीं। भवानीपुर के चक्रबेड़िया बूथ पर वह लंबे समय तक मौजूद रहीं। इसी दौरान करीब 9:45 बजे शुभेंदु अधिकारी भी वहां पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच दूरी बेहद कम थी, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई।
आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया माहौल
बूथ से बाहर निकलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के केंद्रीय बलों पर लगाए “तांडव” के आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हताशा की प्रतिक्रिया” बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सभी नियमों का पालन करते हुए बूथों पर एजेंट तैनात किए हैं और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है।
मतदान को लेकर क्या बोले शुभेंदु?
शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, सैकड़ों बूथों पर उनके प्रतिनिधि मौजूद हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत कैंप ऑफिस भी बनाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदान का माहौल पहले से बेहतर हुआ है और मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि लोग बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
केंद्रीय बलों पर ममता का निशाना
वहीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले रातभर केंद्रीय बलों ने कई इलाकों में दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह और अभिषेक बनर्जी पूरी रात हालात पर नजर बनाए हुए थे। इसी वजह से वह सुबह जल्दी ही मैदान में उतरकर खुद स्थिति का जायजा लेने निकलीं।
फिरहाद हाकिम से मुलाकात, बढ़ी सियासी हलचल
चेतला इलाके में ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम के घर जाकर उनसे बातचीत की। फिरहाद ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि केंद्रीय बलों ने उनके घर पहुंचकर धमकी दी थी। ममता ने इस पूरे मामले की जानकारी ली और इसके बाद अन्य बूथों का दौरा जारी रखा।
आमने-सामने से बढ़ी चर्चा
चक्रबेड़िया बूथ पर दोनों नेताओं की अचानक मौजूदगी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। सुरक्षा के बीच कुछ देर तक दोनों नेता एक ही इलाके में रहे, जिससे समर्थकों के बीच भी हलचल तेज हो गई। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान हो रहा है और जनता का रुझान साफ तौर पर बदलाव की ओर दिख रहा है, जबकि ममता बनर्जी के आरोप महज राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हैं।