बुधवार सुबह 7 बजे से राज्य के 142 मतदान केंद्रों पर वोटिंग शुरू होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। इस बीच भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी लगातार बूथों का दौरा करते नजर आए। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह-सुबह उन्हें फोन कर मतदान की स्थिति और खासकर फलता इलाके की स्थिति की जानकारी ली।
CEO से भी हुई बातचीत, फलता मामले पर फोकस
शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी कि फलता में सामने आए विवाद को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल से भी बातचीत की गई है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले पर प्रशासनिक स्तर पर तुरंत रिपोर्ट तलब की गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
डायमंड हार्बर में कड़ी सुरक्षा, ‘सिंघम’ अफसर मैदान में
दूसरे चरण के मतदान के दौरान डायमंड हार्बर पुलिस जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश कैडर के पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा सुबह से ही सक्रिय मोड में दिखे। अपने सख्त रवैये के लिए चर्चित यह अधिकारी इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं, साथ में केंद्रीय बल और बख्तरबंद वाहन भी तैनात हैं।
फलता में EVM को लेकर बवाल, कई बूथों पर आरोप
इसी बीच फलता विधानसभा क्षेत्र से कई विवाद सामने आए। भाजपा प्रत्याशी देवांशु पांडा ने आरोप लगाया कि देविपुर स्थित एक बूथ पर ईवीएम पर भाजपा चिन्ह के ऊपर टेप चिपका हुआ पाया गया। उनका दावा है कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए यह जानबूझकर किया गया। कुल मिलाकर पांच बूथों पर इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
तनाव बढ़ने पर लाठीचार्ज, आयोग ने मांगी रिपोर्ट
घटनाओं के बाद इलाके में तनाव बढ़ने पर पुलिस कार्रवाई भी की गई। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज की खबरें सामने आई हैं। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
दिल्ली तक पहुंचा मामला, भाजपा की सक्रियता जारी
फलता विवाद अब राजनीतिक रूप से दिल्ली तक पहुंच चुका है। भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम पर CEO से बातचीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की जानकारी ली है।
2026 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
गौरतलब है कि 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़े दावे किए थे, लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे थे। अब 2026 के चुनाव को देखते हुए पार्टी पूरी ताकत से मैदान में है। शीर्ष नेतृत्व लगातार बंगाल पर नजर बनाए हुए है और चुनावी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जा रही है।